दिल्ली पुतिन से मिलने जाने की सूचना ने मचाई खलबली:यूक्रेन में फंसे युवक के भाई की SHO से बातचीत; बाकी परिवार पीछे हटे

यूक्रेन युद्ध में फंसे फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के युवक के बड़े भाई के दिल्ली जाने की सूचना ने खलबली मचा दी है। गांव कुम्हारिया के रघुवीर जांगड़ा के चार-पांच लोगों को साथ लेकर रुस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने की आस में दिल्ली जाने की सूचना फैली। इस बारे में दिल्ली के पार्लियामेंट थाना प्रभारी मनोज भाटिया से रघुवीर ने फोन पर भी बातचीत की। हालांकि, रघुवीर के प्रयास से बाकी परिवारों के सदस्य और उनके आंदोलन का नेतृत्व करने वाले चिढ़ गए हैं। उन्होंने उससे किनारा कर लिया है। वॉट्सऐप ग्रुप से भी रिमूव कर दिया है। बता दें कि, गांव कुम्हारिया के दो युवक अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया स्टडी वीजा पर रूस गए थे। वहां उन्हें सिक्योरिटी गार्ड व ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर जबरन रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया गया। वहां से उन्हें यूक्रेन में युद्ध के लिए धकेल दिया गया। 11 सितंबर के बाद से दोनों का परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। ग्रुप के सदस्यों के पास 61 लोगों की लिस्ट दरअसल, यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों की मदद के लिए रोहतक जिले के महम क्षेत्र के निवासी जयभगवान डांगी ने प्रयास शुरू किए थे। उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर इन परिवारों को जोड़ा। यूक्रेन में फंसे युवकों में हरियाणा, पंजाब, जम्मू, गुजरात, यूपी, राजस्थान के युवक शामिल हैं। डांगी व उनके ग्रुप के पास ऐसे 61 युवकों की लिस्ट है, जो उन्होंने विदेश मंत्रालय को भी सौंपी हैं। रघुवीर नहीं उठा रहा फोन जब से रघुवीर के दिल्ली जाकर पुतिन से मिलने की बात सामने आई है, तब से आंदोलन कर रहे ग्रुप सदस्यों में इस बात का डर बना हुआ है कि इससे कहीं उनके आंदोलन को नुकसान न हो जाए। अब रघुवीर किसी की कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा है। दूसरे युवकों के परिवार के सदस्यों ने भी उसे कॉल की, लेकिन किसी की भी कॉल उसने रिसीव नहीं की है। इन परिवारों को एकजुट करने वाले जयभगवान डांगी ने बताया कि उनके पास पार्लियामेंट थाने के प्रभारी मनोज भाटिया का फोन आया था। उनके पास रघुवीर जांगड़ा ने कॉल करके कहा था कि वे चार-पांच लोग कुम्हारिया से दिल्ली आ रहे हैं। उनकी मुलाकात रुस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से करवाई जाए। हमने थाना प्रभारी को बता दिया है कि रघुवीर से अब उनका कोई संपर्क नहीं है। उसका ऐसा प्रयास हमारी मुहिम को गलत दिशा दे रहा है, इसलिए ग्रुप की तरफ से ऐसा कोई प्रयास नहीं हुआ है। यह उसका व्यक्तिगत प्रयास हो सकता है। अब तक कई जगह सौंप चुके ज्ञापन यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों की ओर से जयभगवान डांगी के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। डांगी ने बताया कि इन प्रयासों के बाद कुछ युवकों की वापसी भी हुई है। 13 युवक मॉस्को में थे, वे वापसी कर रहे हैं। इससे पहले 14 लोग आ चुके हैं।

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