गिरिडीह | शहर के सर जेसी बोस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स हाई स्कूल में दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा के तहत शिक्षित करने और सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मौके पर दिव्यांगता के 21 प्रकार के बारे में सभी प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी गई । तथा इस श्रेणी में आने वाले सभी दिव्यांग बच्चों का नामांकन विद्यालय में कराते हुए सभी को सरकार की सुविधाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग बच्चों का प्रमाण पत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया, तथा जिन बच्चों का प्रमाण पत्र नहीं बना है, उन्हें चिन्हित कर प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि विद्यालय में दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण, ट्रांसपोर्ट जैसे अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें मदद मिल सकें। जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा से जोड़ने के लिए उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना होता है। इन कार्यशालाओं में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा से जोड़ने के लिए, सरकार कई योजनाएं चला रही है। ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकें। दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा देने के लिए, सामान्य स्कूलों में पाठ्यक्रम को लचीला बनाया जाता हैं ताकि वे आसानी से पठन पाठन के कार्यों को कर सकें।


