सीएम हेल्पलाइन में हर माह आ रहीं हजारों शिकायतों के निपटारे के लिए सरकार ने ग्रेडिंग की व्यवस्था बनाई है। हाल ही में आई दिसंबर की रिपोर्ट में कई अहम विभाग पीछे रह गए हैं, तो ऊर्जा, पंचायत और नगरीय विकास ने टॉप 10 में जगह बनाकर रखी। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग लगातार शिकायतों के निपटारे में अव्वल चल रहा है। किसानों, स्कूल व उच्च शिक्षा, पीडब्ल्यूडी के साथ राजस्व और स्वास्थ्य जैसे बड़े महकमे पीछे हैं, जिनसे जनता का सीधे जुड़ाव है। पीछे चलने वाले महकमों में ही हर माह एक लाख से अधिक शिकायतें रजिस्टर्ड हो रही हैं। हाल ही में शासन में उच्च स्तर पर बैठक में राजस्व विभाग के तहत आने वाली शिकायतों पर सवाल खड़े हुए थे। इसमें बंटवारा, नामांतर की शिकायतें भी पेंडिंग हैं। हर माह हो रही ग्रेडिंग ने भी इसकी पुष्टि की है। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए 54 विभागों को दो समूहों में बांटा गया है। पहले समूह में 30 विभाग रखे गए हैं, जो जनता से सीधे जुड़े हैं। इनमें शिकायतें भी हर माह हजार से ज्यादा हैं। दूसरे समूह में 24 छोटे विभाग रखे गए हैं, जिनमें शिकायतों की संख्या हजार से कम है। इन दोनों समूहों की हर माह ग्रेडिंग की जा रही है। दूसरे समूह में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग लगातार 90% अधिक शिकायतें निपटाकर टॉप पर बना हुआ है। इसमें संस्कृति, पर्यटन, उद्योग, एमएसएमई, एनवीडीए और भोपाल गैस त्रासदी टॉप 10 से बाहर हैं। बडे़ विभागों के समूह में टॉप 10 में ऊर्जा, नगरीय विकास, खाद्य, पंचायत, वित्त, गृह व पीएचई जैसे विभाग हैं, जबकि पीडब्ल्यूडी, अजा-अजजा कल्याण, जीएडी, वन, स्वास्थ्य, स्कूल-उच्च और तकनीकी शिक्षा काफी पीछे हैं। दो समूहों में 54 विभाग : 30 बड़े विभागों के समूह में ऊर्जा पहले-दूसरे नंबर पर टिका, टॉप 5 में नगरीय विकास… 24 छोटे विभागों में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग लगातार अव्वल… उद्योग, संस्कृति व पर्यटन पीछे इस तरह से तय होती है विभागों की ग्रेडिंग


