जिले में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। 5 फरवरी की स्थिति के अनुसार जिले की सात विधानसभा सीटों में कुल 16,87,033 मतदाताओं में से 14,86,765 मतदाताओं के नाम एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि जिले में 88.13 प्रतिशत वोटर्स का नाम सुरक्षित हो चुका है। विधानसभावार आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल उत्तर (152) सबसे आगे रही, जहां 94.75 प्रतिशत मतदाताओं का नाम फाइनल पब्लिकेशन में शामिल हुआ। इसके बाद गोविंदपुरा में 92.62 प्रतिशत और भोपाल दक्षिण-पश्चिम (150) में 91.93 प्रतिशत वोटर्स फाइनल सूची में दर्ज किए गए। वहीं हुजूर विधानसभा में यह प्रतिशत सबसे कम 83.74 रहा। नरेला और बैरसिया सीटों में भी फाइनल पब्लिकेशन का आंकड़ा 84 प्रतिशत के आसपास रहा। इसका मतलब है कि इन इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम सत्यापन या अन्य प्रक्रियाओं के बाद फाइनल सूची में शामिल किए गए, लेकिन प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही। कुल मिलाकर जिले में करीब 2 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सका। प्रशासनिक स्तर पर इसे एसआईआर की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन यह आंकड़े शहरी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन और आपत्तियों के दबाव को भी दर्शा रहे हैं। फाइनल वोटर लिस्ट का यह डेटा आगामी चुनावों में मतदाता भरोसे और भागीदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। 8 दिन बाकी 2 लाख लोगों के नाम फाइनल होंगे जिला प्रशासन के आंकड़ों पर नजर डाले तो पता चलता है कि जिले में करीब 2 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सका। इनकी जांच के बाद सूची में शामिल करने के लिए 8 दिन का वक्त बचा है। 14 फरवरी के बाद नई फाइनल वोटर्स लिस्ट प्रकाशित होगी। अफसरों ने बताया कि रोजाना वोटर्स की सुनवाई की जा रही है। जिन वोटर्स को नोटिस दिए गए हैं। उनका पक्ष सुना जा रहा है।


