संभागभर के खिलाड़ियों को निशानेबाजी सिखाने वाली शूटिंग रेंज खुद दीमक का निशाना बन गई है। खेलगांव में 6 साल पहले एक करोड़ रु. खर्च कर बनाई गई 10 मीटर की रेंज खोखली हो चुकी है। रेंज में तीनों ओर बनाई गई लकड़ी की वॉल में हर तरफ दीमक फैल चुकी है। फायरिंग प्वाइंट लटक कर बाहर आने लगे हैं। इलेक्ट्रॉनिक टारगेट भी बेकार हो चुके हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि हाथ लगाते ही वॉल अंदर की तरफ धंसने लग जाती है। कुल 19 लेन में से महज 5 ही चालू हैं। कई लाइटें भी बंद हैं। ऐसे में टारगेट को देखने में भी परेशानी आ रही। पांच में से 4 एसी खराब हो चुके हैं। यहां 30 से ज्यादा खिलाड़ी मजबूरी में जैसे-तैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं। यहां प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी देश-दुनिया में जीत चुके मेडल यह शूटिंग रेंज संभागभर के खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम है। इस रेंज से प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। साल 2021 में लिमा पेरू में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में शहर की मानवी सोनी ने गोल्ड जीता था। इसी टूर्नामेंट में आत्मिका गुप्ता ने सिल्वर पर कब्जा किया था। इसके बाद साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रद्युम्नसिंह ने भी गोल्ड जीता था। हाल कजाकिस्तान में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में यादवेंद्र सिंह ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। यूडीए बोला- जल्द सुधारेंगे, नई रेंज बनाने की भी तैयारी
यूडीए के एईएन राजीव गुप्ता का कहना है कि रेंज को जल्द ही ठीक करवाएंगे। करीब डेढ़ करोड़ की नई शूटिंग रेंज बनाने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया गया है। जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल का कहना है कि मरम्मत के लिए 22 लाख का बजट मिल चुका है। काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। प्रत्येक जर्मन गन पर साढ़े तीन लाख रुपए लगते हैं। ऐसे में ये गन खिलाड़ी खुद ही लेकर आते हैं।


