दुर्ग जिले में अखिल भारतीय उड़िया समाज ने नुआखाई महोत्सव मनाया। 22 सितंबर को सेक्टर-9 स्थित महिला महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और कला देखने को मिली। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि नुआखाई केवल अन्न का पर्व नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का सम्मान है। यह नई पीढ़ी के लिए संस्कारों से जुड़ने और अपनी जड़ों को पहचानने का अवसर है। यादव ने उड़िया समाज की मेहनत, सरलता और शिक्षा के प्रति झुकाव को राज्य की प्रगति की धुरी बताया और कहा कि समाज की परम्पराएं ही हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। कार्यक्रम में समाज के होनहार बच्चों का भी सम्मान हुआ। समाज के होनहार बच्चे हुए सम्मानित महोत्सव में समाज के प्रतिभाशाली युवाओं और खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। बॉक्सिंग की संध्या महानंद, कराते खिलाड़ी पूर्णचंद्र बाघ, बॉलीबॉल की दीप्ति तांडी और शिक्षा में सुनेना दुर्ग जैसे नाम मंच पर बुलाए गए तो सभागार तालियों से गूंज उठा। इससे पहले विधायक रिकेश सेन और समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू ने भी उड़िया समाज की मेहनतकश प्रवृत्ति और ईमानदारी की सराहना की। 30 प्रतिभागियों ने दी प्रस्तुति कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा नृत्य प्रतियोगिता, जिसमें छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से आए 30 प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल में छालीवुड डायरेक्टर अभिषेक सिंह और वरिष्ठ शिक्षिका कृति देशमुख शामिल थीं। रायपुर का जय जगन्नाथ ग्रुप प्रथम रहा, कटक की दामिनी गायकवाड़ ने दूसरा स्थान पाया और दुर्ग की वंदना तांडी तीसरे स्थान पर रहीं। विजेताओं को क्रमशः 11 हजार, 7 हजार और 5 हजार रुपए का नगद पुरस्कार मिला। सांत्वना पुरस्कार पाने वाले जे श्रीजा, हर्षिता महानंद, प्राची बाघ और अन्य प्रतिभागियों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीता। युवाओं ने किया रक्तदान नुआखाई महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक सरोकार भी जुड़ा रहा। बालाजी ब्लड सेंटर और आरोग्यम अस्पताल की ओर से ब्लड डोनेशन और मेडिकल चेकअप कैंप लगाया गया। कई युवाओं ने रक्तदान किया और उन्हें हेलमेट देकर सम्मानित किया गया। वहीं दर्जनों लोगों ने स्वास्थ्य जांच भी कराई। इसके अलावा पश्चिम उड़ीसा क्षेत्र के लिए वर-वधू परिचय स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बना, जहां युवाओं ने नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कराया। समाजसेवा का भी दिया संदेश पूरे कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जेएम तांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश तांडी,कोषाध्यक्ष दीनबंधु तांडी, संरक्षक संजय सोनवानी, कृष्णा सोना, महिला विंग अध्यक्ष जयंती महानंद, शंकर निहाल, टेकचंद सेठिया समेत समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं-युवा मौजूद रहे। मंच पर एक तरफ गीत-संगीत और नृत्य की छटा बिखरी तो दूसरी ओर शिक्षा और समाज सेवा का संदेश भी दिया गया। नुआखाई महोत्सव ने यह साबित किया कि परंपरा और आधुनिक सोच जब एक साथ जुड़ते हैं, तो समाज और भी सशक्त बनता है।


