दुर्ग में महिला वकील हुई डिजिटल अरेस्ट का शिकार:खाते में 8 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन के नाम पर ठगे 41 लाख रुपए

दुर्ग जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता फरीहा अमीन कुरैशी डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। ठगों ने आईपीएस अधिकारी बनकर उसे धमकाया कि दिल्ली में एक आरोपी पकड़ा गया है। उसके पास आपके नाम का खाता मिला है, जिसमें 8.7 करोड़ का लेनदेन हुआ है। इसके बाद उन्होंने उसे धमकाकर उससे 41 लाख रुपए मंगवा लिए और ठगी की। महिला वकील ने दुर्ग कोतवाली थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि दिल्ली के रहने वाले आरोपी दीपक और सु‍निल कुमार गौतम का उसके फोन में वीडियो कॉल आया था। उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस से होना बताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने संदीप कुमार नाम के आरोपी को मनीलॉन्ड्रींग, ड्रग ट्रैफिकिंग और आईडेन्टिटी थेफ्ट केश में गिरफ्तार किया है। उन्होने बताया कि संदीप के कब्जे से 180 संदिग्ध बैंक खाते प्राप्त हुए हैं। उन खातों में से एक खाता फरीहा अमीन कुरैशी के नाम पर है। वह खाता एचडीएफसी बैंक दिल्ली में 18 दिसंबर 2024 को खुलवाया गया है। साथ ही उस खाते में लगभग 8.7 करोड़ रुपये जमा हैं। संदीप ने पुछताछ के दौरान यह बताया गया है कि सभी खाता धारकों को 10 प्रतिशत राशि देने की शर्त पर वो व्यक्तिगत रूप से वहां आए और खाता खुलवाकर दिल्ली में दिया है। इस तरह उन्होंने महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और उसकी पूरी संपत्ति और जमापूंजी का डिटेल लेकर आरबीआई के खाते में 41 लाख रुपए डलवा लिए। किसी को कुछ बताने पर दी थी गिरफ्तारी की धमकी महिला वकील को 21 जनवरी 2025 को सुबह 10.35 मिनट पर दिल्ली पुलिस डिपार्टमेंट का एक विडियो कॉल आया था। उसे यह बताया गया था कि सीबीआई, दिल्ली पुलिस संदीप कुमार के खिलाफ मनीलॉन्ड्रिंग, ड्रगट्रैफिकिंग और आईडेन्टिटी थेफ्ट केश की जांच कर रही है। जिस आरोपी को उन्होंने पकड़ा है वह बड़ा अपराधी है। उसने कई लड़कियों का रेप कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया है। इसलिए यह प्रकरण बहुत कॉनफिडेनशियल है। इसकी गोपनीयता भंग हुई तो तत्काल सीबीआई गिरफ्तार करेगी और काफी प्रताड़ित करेगी। पहले ली पूरी जानकारी फिर कहा डिटेल मैच है डग पुलिस अधिकारी ने महिला वकील से फोन पर उसके आधार कार्ड का नंबर, फोन नंबर, जन्म दिनांक सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी मांगी। उसके बाद कहा यही पूरी जानकारी जब्त किए गए खाते से उन्हें मिली हैं। इसके बाद उन्होने महिला वकील को दिल्ली बयान देने के लिए बुलाया। इससे महिला वकील खबरा गई। गिरफ्तारी की धमकी देकर डराया कॉलर से जब महिला वकील ने दिल्ली आने में असमर्थता जताई तो उसने उनकी तत्काल गिरफ्तार करने की धमकी दी। जब महिला वकील ने रिकवेस्ट किया तो कॉलर ने उसकी एक पुलिस अधिकारी से बात कराई। जिसका नाम आईपीएस सुनील कुमार गौतम था। गौतम ने फोन पर महिला का पूरा बयान लिया और उसके नाम पर जमा चल अचल संपत्ति का विवरण मांगा। हर दिन सुबह आता था गौतम का कॉल महिला वकील को ठगों ने इस तरह डिजिटल अरेस्ट किया था कि वो हर दिन सुबह 9.30 – 10.30 बजे तक महिला से बात करता था। गौतम ने महिला को बताया कि महिला इतनी डर गई थी कि जैसा गौत उसे बोलता वो वैसा ही कर रही थी। इसके बाद उसने महिला से उसकी सभी बैंक जमा पूंजी को आरबीआई के अकाउंट में डालने बोला तो महिला ने पूरे 41 लाख रुपए उसमें डाल दिए। उसके बाद उस महिला को कोई फोन नहीं आया। अशोक स्तंभ वाले दस्तावेज देख महिला को हो गया था यकीन महिला ने बताया कि उसकी बात जिस सुनील कुमार गौतम से हुई उसने खुद को आईपीएस और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया था। उसने जो दस्तावेज भेजे और दिखाए उस पर भारत सरकार का तीन शेर वाला यानि अशोक स्तंभ का निशान था। नीली स्याही में सील लगी थी। इससे उसे विश्वास हो गया था कि वो लोग दिल्ली पुलिस और सीबीआई से ही हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *