देवघर में सड़क हादसे में आलोक कुमार की मौत के मामले में नगर थाना परिसर उस समय गहमागहमी का केंद्र बन गया, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच के प्रमुख आशुतोष कुमार सैकड़ों समर्थकों के साथ थाना पहुंचे। आशुतोष कुमार ने एफआईआर में दर्ज घटना की तिथि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। इसे तत्काल सुधारने की मांग की। उनका कहना था कि एफआईआर में दर्ज तिथि वास्तविक घटना से मेल नहीं खा रही है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। थाना प्रभारी से हुई सीधी बातचीत आशुतोष कुमार ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर कहा कि एफआईआर किसी भी आपराधिक मामले का सबसे अहम दस्तावेज होता है। इसमें दर्ज तिथि और समय यदि गलत रहे, तो इससे आरोपी को लाभ मिलने और पीड़ित पक्ष को न्याय न मिलने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आशंका जताई कि तकनीकी त्रुटि के आधार पर आगे चलकर मामला कमजोर हो सकता है। उन्होंने मांग की कि रिकॉर्ड में तत्काल सुधार कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। भारी भीड़ को देख पुलिस रही सतर्क थाना परिसर से लेकर बाहर सड़क तक समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसे देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। आशुतोष कुमार और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत शांतिपूर्ण माहौल में हुई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले में कानून के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। देर रात कार ने मारी थी टक्कर यह पूरा मामला नगर थाना क्षेत्र के मॉडर्न पब्लिक स्कूल के पास हुई सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, देर रात आलोक कुमार स्कूल गेट के पास खड़े थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में आलोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तकनीकी पहलुओं को दुरुस्त करने का भरोसा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है। दस्तावेजों में यदि किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो उसे कानून के दायरे में रहकर दुरुस्त किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। वहीं, आलोक कुमार के परिजनों और समर्थकों ने मांग की है कि दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।


