देवनानी बोले- टीचर रहा हूं, अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करूंगा:स्पीकर ने कहा- धर्मान्तरण विरोधी बिल आज की आवश्यकता, महिला-हत्या होना चिंता की बात

विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने धर्मांतरण विरोधी बिल पर कहा- मेरी व्यक्तिगत सोच है कि यह आज के समय की जरूरत है। राज्य में लव जिहाद जैसी जो घटनाएं बढ़ रही है उस पर अंकुश लगेगा। महिलाओं की हत्या तक हो जाती है यह चिंता की बात है। यदि कोई नियमों से ऐसा करता है तो उसे 60 दिन में कलेक्टर को सूचना देनी होगी। वहीं देवनानी ने विधानसभा में अनुशासनहीनता के मुद्दे पर कहा कि मैं टीचर रहा हूं किसी को अनुशासनहीनता नहीं करने दूंगा। मैंने सबको कहा कि उनको मुददा उठाने का पूरा मौका दूंगा। वे अपनी बात रखें और उनका अधिकार भी है, पर नियमों से चलें ताकि सार्थक बहस होगी। बता दें कि सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सदन में अपशब्द कहे थे। विपक्ष ने हंगामा किया तो उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। स्पीकर देवनानी ने मंगलवार को उदयपुर के दौरे पर थे इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा की। बोले- इस बार संभावना है कि बिल पास हो जाएगा स्पीकर ने विधानसभा में पेश हुए धर्मांतरण बिल पर कहा कि यह बिल पहले भी तीन बार आ चुका है। एक बार कांग्रेस सरकार में तो एक वसुंधरा राजे के समय लेकिन, कुछ कमियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाया। पहले कभी विधानसभा में पास हुआ तो ​राज्यपाल के यहां रुक गया, राज्यपाल ने भेजा तो केंद्र से नहीं आया। देवनानी ने कहा- दोनों जगह अलग-अलग सरकार थी। इस बार केंद्र और राज्य में एक ही सरकार है इससे संभावना बनती है कि बिल पास हो जाएगा। कलेक्टर को सूचना देनी होगी उन्होंने कहा- प्रलोभन या अन्य माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना गलत है। इस बिल में कई प्रावधान है। महिला की सुरक्षा का भाव बढ़ेगा। बिल में कुछ प्रावधान आज की आवश्यकता के अनुरूप हैं। जिनसे इस प्रकार की घटनाएं रुकेगी। आदिवासी क्षेत्र और गरीब इलाकों में इस प्रकार की चीजे बढ़ रही है उस पर रोक लगेगी। लव जिहाद जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसमें नारी की हत्या तक हो रही है। यदि कोई नियमों के साथ धर्म बदलता है तो 60 दिन में कलेक्टर को सूचना भी देनी होगी। कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करुंगा स्पीकर ने कहा- पिछले सत्र में भी कोटा से आने वाले शांति धारीवाल ने बहुत अधिक कह दिया। बाद में उनको महसूस हुआ तो क्षमा मांगी। एक दिन पहले संसदीय मंत्री ने जो शब्द बोल दिए वह गाली के तुल्य असंसदीय था। उस पर उन्होंने भी क्षमा मांगी है। यह ​सब पर नियम एक लागू होगा कि वे अनुशासन और मर्यादा का पालन करें। वे बोले कि सत्र परम्पराओं और नियमों के अनुसार चलाएंगे। मैं टीचर रहा हूं अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करुंगा। बता दें कि 1 दिन पहले सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान पहले ही सवाल में हुई नोकझोंक के दौरान कानून और संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने सदन में अपशब्द कहे थे। जोगाराम पटेल ने नेता प्रतिपक्ष के बोलने पर उन्हें इंगित करके अमर्यादित भाषा का उपयोग किया था। प्रश्नकाल में हुई इस घटना पर उस वक्त किसी का ध्यान नहीं गया। लंच के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। जोगाराम पटेल के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ। पांच साल तक 200 विधायक बने रहे
देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा देश की श्रेष्ठ विधानसभा बने इसके लिए नवाचार प्रारंभ किए हैं। हर सीट पर आईपेड लगाए हैं। सब कुछ पेपरलैस कर रहे है। धीरे—धीरे सदस्य अभ्यास में ला रहे हैं। अब सवाल और पर्ची ऑनलाइन लगा रहे हैं। हमने विधानसभा का कलर भी बदला है। ग्रीन से गुलाबी कलर कर दिया है। जयपुर गुलाबी नगरी है। गुलाबी रंग सबको अच्छा लगा है। मैं अनुभव कर रहा था कि विधानसभा में 200 के 200 सदस्य नहीं रहते थे। अभी प्रसन्नता है कि 200 पूरे है और 5 साल तक 200 बने रहे। हमने वास्तु सुधार के लिए काम किया हैं और भी करेंगे। पढ़ें ये खबर भी… क्या राजस्थान में नहीं कर सकेंगे दूसरे धर्म में शादी:नाबालिग से ‘लव जिहाद’ तो 10 साल की कैद, सरकार को बताए बिना धर्म बदलना अपराध राजस्थान में 16 साल बाद एक बार फिर धर्मांतरण विरोधी बिल पेश किया गया है। वसुंधरा राजे सरकार की 2 नाकाम कोशिशों के बाद अब भजनलाल सरकार ने ‘लव जिहाद’ पर अपनी नजरें टेढ़ी की हैं। हालांकि, पूरे बिल में कहीं भी ‘लव जिहाद’ शब्द का जिक्र नहीं है, लेकिन एक्सपट्‌र्स की मानें तो बिल का भाव यही है। (पढ़ें पूरी खबर) विधानसभा में कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने दी गाली:विपक्ष की आपत्ति के बाद माफी मांगी; डोटासरा बोले- इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है? विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान पहले ही सवाल में हुई नोकझोंक के दौरान कानून और संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने सदन में गाली दे दी। जोगाराम पटेल ने नेता प्रतिपक्ष के बोलने पर उन्हें इंगित करके गाली दी। प्रश्नकाल में हुई इस घटना पर उस वक्त किसी का ध्यान नहीं गया। लंच के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। (पढ़ें पूरी खबर)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *