नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई टली:हाई कोर्ट में सरकार ने कहा-हम मामले में चालान पेश कर रहे है

देवली-उनियारा उप चुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामलें में आज नरेश मीणा की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। आज जस्टिस प्रवीर भटनागर की कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि पुलिस इस मामले में 11 फरवरी को चालान पेश कर रही है। इस पर कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई 12 फरवरी तक टाल दी। बता दे कि एसडीएम को थप्पड़ मारने और समरावता हिंसा प्रकरण में नरेश मीणा 14 नवम्बर से हिरासत में है। समरावता हिंसा प्रकरण में पुलिस पहले ही चालान पेश कर चुकी है। उपचुनाव के दिन एसडीएम को मारा था थप्पड़
दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा के समरावता (टोंक) गांव में उपचुनाव में वोटिंग का बहिष्कार किया गया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठेए थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया था। नरेश मीणा पोलिंग बूथ पर आए और उन्होंने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। कई गाड़ियों में लगा दी थी आग
एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद नरेश मीणा वापस जाकर धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की गाड़ी रोकने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया था। मीणा के समर्थकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे और भड़क गए थे। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी और पुलिस के जवान आमने-सामने हो गए थे और नरेश मीणा को छुड़ाकर ले गए था। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। ग्रामीणों पर भी पथराव का आरोप लगाया था। घटना के दौरान गांव में कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी। नरेश पर 4 एफआईआर, 2 में ही हुई गिरफ्तारी
नरेश मीणा के अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस प्रशासन नरेश को जेल में रखने की साजिश कर रहा है। पुलिस ने नरेश के खिलाफ नगर फोर्ट थाने में चार एफआईआर दर्ज की है। इसमें पहली एफआईआर एसडीएम द्वारा करवाई गई है। इसमें उसका कहना है कि नरेश ने ईवीएम से छेड़छाड़ और उसके साथ मारपीट की। दूसरी एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है, जिसमें नरेश पर आगजनी का आरोप है। इन दोनों एफआईआर में नरेश को गिरफ्तार किया गया है। तीसरी एफआईआर हाईवे जाम करने और चौथी एफआईआर रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से ईवीएम से छेड़छाड़ करने की दर्ज कराई है। इन दोनों मामलों में नरेश को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा- हमें डर है कि इन दोनों मामलों में जमानत मिलने पर नरेश की रिहाई रोकने के लिए पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है।

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