सागर जिले में बीजेपी विधायकों के बीच चल रही खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बीच विवाद अभी थमा नहीं कि सागर विधायक शैलेंद्र जैन पर बीजेपी के पार्षदों ने देवरी विधानसभा में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। देवरी से बीजेपी विधायक बृज बिहारी पटैरिया के साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। बीजेपी पार्षदों ने आरोप लगाया कि सागर के बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन देवरी नगर परिषद में हस्तक्षेप करते हैं। देवरी नगर परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन बीजेपी के खिलाफ काम कर रहीं हैं। विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी बृज बिहारी पटेरिया के खिलाफ काम किया था। हम लोगों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाया था लेकिन उसी समय सरकार ने तीन साल का नियम बना दिया तो फैसला नहीं हो पाया। नगर पालिका में जो अनियमितताएं हुई हैं उनकी शिकायतों पर कार्रवाई शैलेंद्र जैन के हस्तक्षेप के कारण नहीं हो पाती है। देवरी विधायक बोले- पार्टी फोरम पर बताएंगे
देवरी से विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने कहा- देवरी नगर परिषद में 15 पार्षदों की परिषद है। उनमें से 12 पार्षद यहां भोपाल आए हैं। कल (सोमवार) प्रदेश अध्यक्ष जी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा- हितानंद जी से मुलाकात नहीं हो पाई। कल का समय दिया है। उन्हें पूरी स्थिति बताएंगे। सारे पार्षदों की अपनी-अपनी पीड़ा है। बहुत बातें ऐसी हैं जिन्हें प्रेस में नहीं बताया जा सकता, पार्टी फोरम पर बताएंगे। हम सब लोग इसलिए यहां आए ताकि पार्टी दखल करे और उन्हें भी समझाए और पार्षदों की पीड़ा को सुनकर समझकर फैसला लिया जाए। इधर, सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने बताया- ‘सांच को आंच क्या’। जांच होनी चाहिए इसमें किसी को क्या हर्ज हो सकता है और मुझसे ही बात कर लेते। मैने उस समय जरूर कहा था जब देवरी नगर पालिका का अविश्वास प्रस्ताव कलेक्टर यहां लाया गया था तब मैंने कहा था यह गलत परंपरा शुरू हो जाएगी। आप सागर के पार्षदों को कैसे रोकेंगे? न जाने वहां के स्थानीय लोगों के आपसी विवाद में मुझे क्यों घसीट रहे हैं। खरीद-फरोख्त कर पूर्व विधायक राणा ने बनाया था नपाध्यक्ष देवरी नगर पालिका की पार्षद शशि पलिया के पति उमेश पलिया ने कहा- मैं भी पूर्व पार्षद हूं। देवरी नगर पालिका के 15 पार्षदों में से 2 कांग्रेस और 13 भाजपा के पार्षद हैं। देवरी के पूर्व विधायक भानू राणा द्वारा खरीद-फरोख्त करके कांग्रेस पार्षदों को साथ लेकर नेहा अलकेश जैन को अध्यक्ष बनाया गया था। उस समय हम लोगों ने काफी विरोध किया था। उसके बाद जब परिषद का विस्तार हुआ तो नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए परिषद ने स्वीकृति दी। लेकिन जब काम जमीन पर आए तो उसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ और रफ काम हुआ। इस बात के कारण नगर में हम लोगों को नीचा देखना पड़ रहा है कि सरकार के पैसे की बर्बादी हो रही है तो हम लोगों ने बिल पास नहीं किए। उनकी पीआईसी एक साल से भंग है। उनके साथ कांग्रेस के दो पार्षद हैं। बीजेपी प्रत्याशी को हराने नपाध्यक्ष ने 20 लाख रुपए बांटे
हम लोगों ने समय अवधि में सागर कलेक्टर के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव भी लाए थे। लेकिन मप्र सरकार के अध्यादेश में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास की अवधि तीन साल तय कर दी थी। इस कारण वो अविश्वास प्रस्ताव आज तक लंबित है। उच्च न्यायालय में हमारी याचिका लगी हुई है। हम लोगों ने अपने विधायक जी और प्रदेश नेतृत्व को भी अवगत कराया है। इन लोगों ने विधानसभा चुनाव में वर्तमान विधायक के खिलाफ नगर परिषद अध्यक्ष और उनके साथियों ने बीजेपी प्रत्याशी को हराने के लिए 20 लाख रुपए बांटे। विधायक जी ने निष्कासन के लिए पत्र लिखा, हम लोगों ने शिकायत की तो अध्यक्ष का भतीजा जो मंडल अध्यक्ष था उसे पार्टी ने तत्काल हटा दिया। लेकिन अध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। देवरी में हस्तक्षेप करते हैं सागर विधायक
पूर्व पार्षद उमेश पलिया ने कहा- सागर के विधायक शैलेंद्र जैन और हमारी नगर पालिका अध्यक्ष भी जैन समाज से हैं। वो हमारे देवरी विधानसभा में हस्तक्षेप कर रहे हैं। शैलेंद्र जैन ने कलेक्टर से कहकर अध्यक्ष के खिलाफ जांच रोकी हुई है। हम सब लोग दुखी होकर भोपाल आए हैं। उमेश पलिया ने कहा- हम सीएम से भी मिलने वाले हैं। हम 12 पार्षद अपना इस्तीफा लेकर आए हैं। हम लोगों ने जांच कराई तो शासन द्वारा हुई जांच में गलत तरीके से खरीदी में गड़बड़ी सिद्ध हो चुकी है। अगर उसके खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई तो हम सब 12 पार्षद पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। देवरी विधानसभा के 6 मंडल अध्यक्ष भी साथ में आए हैं।


