नाबार्ड झारखंड के ‘ग्रामीण भारत महोत्सव-2025’ के तीसरे संस्करण कलासिल्क-2025 का आयोजन रेडिसन ब्लू में हो रहा है। इस 10 दिवसीय प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन 2 सितंबर तक होगा। मंगलवार तीसरे दिन हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। नाबार्ड की एजीएम नीतू कुमारी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में पूरे भारत के बेहतरीन हथकरघा और रेशम उत्पादों के एक से बढ़ कर स्टाल सजे हैं। यह प्रदर्शनी नाबार्ड समर्थित स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों, उत्पादक संगठनों, जीआई टैग वाले उत्पादों आदि को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने, ग्राहकों की प्राथमिकताओं में बदलाव को समझने, नई तकनीक सीखने व इस आयोजन में भाग लेकर अपने ग्राहकों से सीधे बातचीत करने का अवसर प्रदान करती है। यह प्रदर्शनी दिन के 10 से रात 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रवेश निशुल्क है। प्रदर्शनी में कश्मीर से कन्याकुमारी और मणिपुर से राजस्थान तक के पारंपरिक और समकालीन हथकरघा रेशमी बुनाई की एक प्रभावशाली श्रृंखला प्रदर्शित की गई है। यहां महाराष्ट्र की पैठणी साड़ियां, ओडिशा की संबलपुरी, मध्य प्रदेश की माहेश्वरी, पश्चिम बंगाल की बालूचेरी, जामदानी, तंगैल, कांथा स्टिच और मुर्शिदाबाद सिल्क, तमिलनाडु की कांजीवरम, बैंगलोर सिल्क, इल्कल साड़ियां, मैसूर सिल्क साड़ियां, कर्नाटक की कसुती हस्त कढ़ाई, बनारस की बनारसी, एमपी की बल्क प्रिंट, ओडिशा की कोसा सिल्क साड़ी, असम की मूंगा सिल्क, झारखंड की तसर सिल्क खास हैं।


