देशी ठाठ होटल फिर से सील:अधिकारी बोले – हाई कोर्ट के आदेश के बाद दुबारा सील किया, पहले कोर्ट ने ही राहत दी थी

अलवर के सिलीसेढ़ में देशी ठाठ होटल को यूआईटी प्रशासन ने शनिवार को वापस सील कर दिया। पहले 4 दिसंबर को सील किया था। लेकिन एडीजे कोर्ट नंबर 3 ने होटल मालिक को राहत देते हुए 28 दिसंबर तक सील हटाने के आदेश दे दिए थे। उसके बाद यूआईटी हाईकोर्ट पहुंची तो कोर्ट ने वापस एडीजे कोर्ट को 12 दिसंबर को सुनवाई करने के आदेश दिए। लेकिन इस दिन भी सुनवाई नहीं हुई और 15 दिसंबर की तारीख दे दी। अब यूआईटी ने वापस होटल को सील कर दिया। यूआईटी के अतिक्रमण निरोधक अधिकारी मानवेंद्र जायसवाल ने बताया कि देशी ठाठ होटल को वापस सील किया है। पहले सील किया तो कोर्ट ने सील खोलने के आदेश दिए थे। उसके बाद उच्च न्यायालय में आदेश खारिज हो गया था। उसके बाद सील के आदेश वापस किए गए हैं। आगे कोर्ट के आदेश पर कार्यवाही होगी। अब देशी ठाठ होटल के दोनों गेट, कीचन, ऑफिस सब सील कर दिए हैं। कमरे इसलिए सील नहीं किए कि कमरे काफी संख्या में हैं। कुछ अन्य होटल के कमरे इसलिए सील किए थे वहां उनका निवास भी था। निवास सील नहीं किया तो रूम सील किए थे। यूआईटी ने सिलीसेढ़ क्षेत्र में 4 दिसंबर को अवैध रूप से संचालित 10 होटल व रेस्टोरेंट्स को सील किया था।इसमें देसी ठाठ, मेधावन, द जंगल लेप, नमन बाग (फतेहगढ़ फॉर्म), बाबा होटल, सासु की ढाणी, गुप्ता झील, नील कमल रेस्टोरेंट, राजस्थानी होटल व सिलीसेढ़ इन शामिल थे। लेकिन देसी ठाठ होटल संचालक के वाद पर एडीजे कोर्ट ने 6 दिसंबर को होटल की सील खोलने के फैसला दे दिया। यूआईटी इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई। इसके बाद वापस 12 दिसंबर को सुनवाई के आदेश दिए। अलवर कोर्ट की राहत को खारिज कर दिया। अब वापस प्रशासन ने होटल को सील कर दिया। इसी बीच 8 दिसंबर को एडीजे कोर्ट के आदेश पर कोर्ट नाजिर ने होटल की सील खोल दी। कोर्ट एडीजे थर्ड की जज अवकाश पर, फाइल दूसरे कोर्ट में हुई ट्रांसफर: देसी ठाठ मामले की एडीजे कोर्ट थर्ड में सुनवाई होनी थी, लेकिन जज अवकाश पर होने के कारण फाइल को एडीजे कोर्ट फर्स्ट में ट्रांसफर किया। वकील ने कोर्ट में यूआईटी का वाद में जबाव सबमिट किया। यूआईटी ने सील की कार्रवाई के पीछे होटलों का भू-परिवर्तन नहीं कराने व सुप्रीम कोर्ट की सीईसी व एनजीटी के निर्देशों को आधार बनाया है।

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