राजस्थान सहित देशभर की ग्राम पंचायतों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कामकाज होगा। केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायतों के लिए सभी राज्यों को AI टूल तैयार कर भेजा है। ‘सभासार’ नाम के इस AI टूल से पंचायतों की बैठकों का ब्यौरा तैयार करने से लेकर दूसरे काम हो सकेंगे। ये टूल 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट-टू-टेक्स्ट अनुवाद और 13 भारतीय भाषाओं में वॉयस-टू-टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन कर सकता है। राज्यसभा सांसद नीरज डांगी के सवाल के जवाब में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बताया- सरकार ग्राम पंचायतों के काम को AI से लैस करना चाहती है। सरकार ग्राम पंचायतों के कामों में सहयोग के लिए AI आधारित उपकरणों को अपनाने के लिए कदम उठा रही है। पंचायती राज मंत्रालय ने 14 अगस्त 2025 को ‘सभासार’ नाम से AI ऑपरेटेड मीटिंग का सार तैयार करने वाला उपकरण लॉन्च किया है। यह टूल ग्राम सभा और पंचायत बैठकों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग से बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करता है। मंत्री ने बताया- ‘सभासार’ उपकरण एडवांस नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) तकनीकों का उपयोग करता है। यह कई भाषाओं में काम करता है और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन भाषिणी के साथ जोड़ा हुआ है। अब तक 92 हजार पंचायतों ने AI से काम शुरू
पंचायतीराज मंत्री ने बताया- सभासार उपकरण सभी राज्यों को उपलब्ध करा दिया गया है। ग्राम पंचायतों में इसे फैज मैनर में काम में लेना शुरू किया जाएगा। अभी शुरुआती फेज में त्रिपुरा की सभी 1,194 ग्राम पंचायतों को 15 अगस्त, 2025 के विशेष ग्राम सभाओं के लिए इस उपकरण का प्रयोग करने के लिए ट्रायल किया गया। 15 अगस्त, 2025 को कुल 12,667 ग्राम पंचायतों ने सभासार का उपयोग किया, जो बढ़कर 02 अक्टूबर, 2025 की ग्राम सभाओं में 77,198 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गया। 28 नवंबर तक देश की 92,034 ग्राम पंचायतें बैठक के मिनट्स एआई टूल सभासार से तैयार कर रही थीं।


