नरसिंहपुर जिले के गोलगांव निवासी किसान योगेश कौरव ने अपनी मेहनत और नवाचार से खेती को लाभ का धंधा बनाया है। लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में ‘उत्तम गुड़ उत्पादन और प्रसंस्करण’ पर आयोजित पांच दिवसीय विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए उनका चयन हुआ है। इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले वे मध्यप्रदेश के एकमात्र किसान हैं। गांव में लगाया प्रदेश का पहला हाईटेक प्लांट योगेश कौरव पिछले 15 वर्षों से खेती और गुड़ निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी कंपनी ‘फ्यूचर फार्मर’ के माध्यम से पारंपरिक गुड़ बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने अपने गांव में मध्यप्रदेश का पहला ऐसा ऑटोमेटिक प्लांट लगाया है जिसे आईएसओ (ISO) सर्टिफिकेट मिला हुआ है। यह प्लांट भाप की मदद से कम ईंधन और कम मेहनत में उच्च गुणवत्ता वाला शुद्ध गुड़ तैयार करता है। विदेशी बाजारों में भी है योगेश के गुड़ की मांग योगेश केवल साधारण गुड़ ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कई आधुनिक उत्पाद भी बना रहे हैं। उनके प्लांट में गुड़ का पाउडर (जेगरी पाउडर), अलग-अलग फ्लेवर वाली गुड़ कैंडी, कुकीज और गुड़ चढ़ा हुआ चना व सौंफ तैयार की जाती है। इन उत्पादों की मांग न केवल स्थानीय बाजारों और बड़े स्टोर्स में है, बल्कि वे ऑनलाइन माध्यम से विदेशों तक अपने उत्पाद पहुंचा रहे हैं। लखनऊ में सीख रहे हैं गन्ने की उन्नत किस्में 2 फरवरी से शुरू हुई इस ट्रेनिंग में योगेश को गुड़ उत्पादन की आधुनिक मशीनों और कम श्रम वाली तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। संस्थान के वैज्ञानिक उन्हें गन्ने की उन किस्मों की जानकारी दे रहे हैं, जिनसे अधिक और बेहतर गुणवत्ता वाला गुड़ बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को कुशल उद्यमी बनाना है ताकि वे अपने उत्पादों की अच्छी कीमत पा सकें। उद्यमिता और कौशल विकास के तहत हो रहे इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों के चुने हुए किसान भाग ले रहे हैं। उनकी इस सफलता पर जिले के कृषि विभाग और स्थानीय नागरिकों ने खुशी जाहिर की है।


