देश में एचएमपीवी के 2 और संदिग्ध मिले:झारखंड में आरटी-पीसीआर किट नहीं, आईसीयू बेड भी कम; भास्कर ने जाना-स्थिति से निपटने के लिए कितना तैयार है झारखंड

महाराष्ट्र में मंगलवार को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो और संदिग्ध सामने आए। दोनों के नमूने एम्स, नागपुर और पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजे गए हैं। सोमवार को कर्नाटक, ​तमिलनाडु और गुजरात में पांच बच्चे एचएमपीवी संक्रमित मिले थे। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को श्वसन रोगों की निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है। इसके बाद झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने इंफ्लूएंजा व रेस्पिरेट्री निमोनिया का सर्विलांस तेज करने का निर्देश दिया। लगातार बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि तैयारियाें में झारखंड काफी पीछे है। रांची में कोविड के दौरान रिम्स में सदर अस्पताल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट व पीएसए प्लांट लगाए गए थे। लेकिन ये बंद पड़े हैं। हालाकि पहले से लगे ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। रिम्स को पीएम केयर से 100 वेंटिलेटर दिए गए थे। इनमें 70 कबाड़ हो चुके हैं। हालांकि रिम्स में फिलहाल 250 वेंटिलेटर और 100 एचएफएनसी मशीन है। वहीं सदर में 70 वेंटिलेटर है। जानिए… कहां-कैसी व्यवस्था घाटशिला: लंबे समय से खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों को एमजीएम जमशेदपुर रेफर कर दिया जाता है।
पलामू: जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। लोगों को मास्क पहनने और लक्षण वाले मरीजों को इलाज कराने की सलाह दी जा रही है।
रामगढ़: सदर अस्पताल में आरटी-पीसीआर की व्यवस्था है, लेकिन किट नहीं है। बेड है, पर चारों ऑक्सीजन प्लांट बेकार साबित हो रहे हैं।
लातेहार: सदर अस्पताल में 12 वेंटिलेटर है। पूरे जिले में 180 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार किए जा रहे हैं। 429 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीपीई किट, मास्क, ऑक्सीमीटर आदि मौजूद है। लक्षण वाले मरीजों को इलाज कराने और मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।
चतरा: अभी तैयारी नहीं है। बुधवार को एडवाइजरी जारी होने के बाद सदर अस्पताल में दो आइसोलेशन सेंटर बनाए जाएंगे। हालांकि आरटी-पीसीआर जांच की व्यवस्था है।
हजारीबाग: मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर जांच की व्यवस्था है, पर किट नहीं है। कोरोना के समय मेडिकल कॉलेज में दो और बरही अनुमंडल अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। ये दो साल से खराब पड़े हैं। धनबाद… लैब का रजिस्ट्रेशन रद्द, सैंपल भेजने की व्यवस्था भी नहीं धनबाद के एसएनएमएमसीएच में कोरोना काल में शुरू की गई आरटी-पीसीआर जांच लैब बंद हैं। आईसीएमआर से लैब का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। सैंपल जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजने की भी व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में कोरोना किट और मास्क भी फिलहाल नहीं है। हालांकि ऑक्सीजन की हालत ठीक है। जमशेदपुर… आरटी-पीसीआर जांच की व्यवस्था, ऑक्सीजन भी पर्याप्त जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में आरटी-पीसीआर की व्यवस्था है। यहां 4 ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में हैं, 2 हजार मरीजों को ऑक्सीजन दिया जा सकता है। टीएमएच, टाटा मोटर्स और ब्रह्मानंद अस्पताल में भी ऑक्सीजन की अच्छी व्यवस्था है। कोविड वार्ड को फ्लू कॉर्नर के रूप में एक्टिवेट करने का आदेश दे दिया गया है। रिम्स निदेशक और सिविल सर्जनों को निर्देश: ऑक्सीजन लेवल जिनका 80 से नीचे, उन्हें एचएमपीवी संदिग्ध मानकर सैंपल लें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स निदेशक और राज्य के सभी सिविल सर्जनों के सा​थ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने कहा कि इंफ्लूएंजा और सांस के मरीजों की मॉनिटरिंग करें। जिनका ऑक्सीजन लेवल 80 से नीचे जा रहा है, उन्हें एचएमपीवी संदिग्ध मानें। ​रिम्स में फिलहाल जांच किट नहीं है, लेकिन दो दिन में उपलब्ध हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर वायरस म्यूटेट होती है तो सैंपल की ​जीनोम सिक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिले रिम्स को सैंपल भेजें, रिम्स इसे एनआईवी पुणे भेजेगा।

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