स्थान सुखदेवनगर थाना। दिन के एक बजे हैं। थाने में उपलब्ध जिन तीन गाड़ियों को गली-मोहल्लों की चौकसी में होना चाहिए था, वे तीनों थाने में ही खड़ी हैं। ऐसा इसलिए कि इन गाड़ियों का पेट्रोल खत्म हो गया है। जहां पेट्रोल पंप से इन्हें अपनी गाड़ी में तेल लेना होता है, वहां का बकाया अधिक होने की वजह से तेल मिलना लगभग बंद हो गया है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि राजधानी की सुरक्षा फिलहाल भगवान भरोसे है। यह स्थिति केवल एक ही नहीं, बल्कि शहर के लगभग सभी थानों की है। कुछ थानों में गश्ती के फेरे घटा दिए गए हैं तो कुछ थानों में भ्रमणशील रहने वाली गाड़ियों की संख्या। जहां गश्ती में गाड़ी चल भी रही है, उन थानों के प्रभारी तेल की व्यवस्था अपनी जेब से कर रहे हैं। सार्जेंट मेजर अनीश मोहित कुजूर ने इस हालात को स्वीकार करते हुए कहा कि पेट्रोल पंप का बकाया अधिक हो गया है। थाने की गश्ती गाड़ी के अलावा पीसीआर को परेशानी हो रही है। एक दिन पहले ही अन्य कई पेट्रोल पंप से तेल की व्यवस्था कराने के बाद कुछ गाड़ियों में भरवाया गया है। अधिकारी भी अपने स्तर से गश्ती बरकरार रखने में जुटे हुए हैं। जल्द ही तेल कमी की समस्या को समाप्त कर लिया जाएगा। गश्ती रुकना, अपराध के मुंह में धकेलने जैसा : बाबूलाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा- राजधानी के थानों के पुलिस वाहनों में बकाया भुगतान नहीं होने के कारण पेट्रोल पंप वाले तेल की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। पुलिस की पेट्रोलिंग बाधित करना राज्य को अपराध के मुंह में धकेलने जैसा है। ऐसा लगता है मंईयां सम्मान योजना के लिए सारे विभागों के बजट को डायवर्ट कर दिया गया है। तेल के लिए मिन्नत करता रहा ड्राइवर, पर लौटा दिया दैनिक भास्कर दोपहर 1:30 बजे उस पेट्रोल पंप पर पहुंचा, जहां से पुलिस की गाड़ी में तेल डाला जाता है। एक थाने की पेट्रोलिंग गाड़ी तेल लेने के लिए वहां पहुंची। पंपकर्मी ने तेल देने से साफ इंकार कर दिया। पेट्रोलिंग गाड़ी का ड्राइवर तेल के लिए पंपकर्मी से काफी देर तक मिन्नत करता रहा, लेकिन तेल नहीं मिला। पेट्रोलपंप कर्मी बोले – अत्यधिक बकाया के बाद रोका तेल पेट्रोल पंप के एक कर्मी ने बातचीत में कहा कि हर महीने एक करोड़ से ज्यादा का तेल विभाग को जाता है। अक्सर समय-समय पर पेमेंट भी मिल जाता है। हालांकि इस बार 6 करोड़ से ज्यादा का बकाया हो गया है। पीसीआर को अब कम तेल दिया जा रहा है। वहीं कुछ पेट्रोलिंग गाड़ी को तेल देना बंद किया गया है। अति आवश्यक स्थिति में सार्जेंट मेजर का फोन आता है, तब तेल दिया जाता है। जानिए… थानों की गश्ती का हाल शहर के थानेदार बाेले- रात में गश्ती के लिए खुद की जेब से डलवा रहे तेल शहर के थानेदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि तेल मिलने में काफी परेशानी हो रही है। दिन की पेट्रोलिंग लगभग बंद हो गई है। रात में गश्ती निकालना मजबूरी है। ऐसे में उन्हें अपनी जेब से पैसा देकर गाड़ी में तेल डलवाना पड़ रहा है। थानेदार लगातार पेट्रोलिंग व्यवस्था को चालू रखने में जुटे हैं।


