देश में सड़क हादसों में राजस्थान छठे स्थान पर:राज्य में 2025 में सड़क हादसे 4.10 फीसदी घटे, मौतें 2.61 प्रतिशत बढ़ी

राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर टेक्नोलॉजी, ई-चालान और हाईवे मॉनिटरिंग बढ़ाने के बावजूद मौतों का आंकड़ा थम नहीं रहा है। वर्ष 2025 में हादसे कम हुए, लेकिन मौतें ज्यादा हुई हैं। प्रदेश में 2024 के मुकाबले 2025 में 1,018 दुर्घटनाएं कम हुईं, लेकिन इसके बावजूद 307 अधिक लोगों की मौत हो गई। राजस्थान देशभर में सड़क हादसों में छठे स्थान पर बना हुआ है। राज्य में 2024 में कुल 24,838 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 11,762 मौतें दर्ज हुईं। वहीं 2025 में दुर्घटनाएं 23,820 हुईं, लेकिन मौत 12,069 हुई हैं। हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार बनी हुई है। कुल दुर्घटनाओं में से करीब 63% हादसे ओवरस्पीडिंग के कारण हो रहे हैं, जिससे टक्कर की गंभीरता बढ़ जाती है और मौत का खतरा ज्यादा हो जाता है। 15,647 दुर्घटनाएं तेज गति के कारण, इनमें 7,600 की जान गई
राज्य में वर्ष 2025 में हुए कुल 23,820 हादसों में से 15,647 दुर्घटनाएं तेज गति के कारण हुईं। इनमें करीब 7,600 लोगों की जान गई। परिवहन व पुलिस विभाग की समीक्षा में सामने आया कि चालक गति सीमा की अनदेखी कर रहे हैं। स्टाफ की भारी कमी
प्रदेश में यातायात पुलिस के 7,961 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 3,985 कार्मिक कार्यरत हैं। 4,035 पद खाली पड़े हैं। सबसे ज्यादा कमी कांस्टेबल स्तर पर है। ट्रैफिक पुलिस न सिर्फ चालान कार्रवाई करती है, बल्कि हादसों का डाटा एकत्र कर उसका विश्लेषण कर राज्य और केंद्र सरकार को भेजती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *