हसदेव विहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी होगी नपा के हवाले

भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में करीब 20 वर्ष पहले हाउसिंग बोर्ड द्वारा 25 एकड़ क्षेत्र में हसदेव विहार कॉलोनी विकसित की गई थी। एचआईजी, एमआईजी सहित पांच वर्गों में कुल 471 आवास बनाए गए थे। लेकिन लंबे समय से कॉलोनी को नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया गया, जिसके कारण यहां के रहवासियों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कॉलोनीवासियों की कई बार शिकायत और विरोध प्रदर्शन के बाद अब समस्या के समाधान का रास्ता खुला है। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की 35 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों को नगर निगम और पालिकाओं को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। हैंडओवर होने पर कॉलोनी में पानी, सड़क, बिजली और साफ-सफाई संबंधी समस्याएं दूर होंगी और दोहरे खर्च से भी राहत मिलेगी। लंबे समय से रहवासी इस मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे। कॉलोनी में एचआईजी के 185, एमआईजी के 80, एलआईजी के 76, ईडब्ल्यूएस के 30, अटल आवास के 100 मकान हैं। कॉलोनी में नालियां जाम हाउसिंग बोर्ड के नियमों के अनुसार हसदेव विहार कॉलोनी को निर्माण के दो साल बाद नगर पालिका को सौंपना था, लेकिन वर्षों तक जिम्मेदार अफसरों ने पहल नहीं की। कॉलोनी में करीब 70 फीसदी सड़कें खराब हो चुकी हैं। एप्रोच रोड से लेकर गलियों तक कंक्रीट उखड़ चुका है। गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है। करीब 30 प्रतिशत नालियां लोगों ने पाट दी हैं और उनके ऊपर चबूतरे व शेड बना लिए हैं, जिससे पानी निकासी की समस्या बेहद गंभीर हो गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *