बढ़ते साइबर अपराधों पर त्वरित, तकनीक आधारित और समन्वित कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय देशभर में 20 हाईटेक साइबर फ्यूजन सेंटर स्थापित करने जा रहा है। इसमें राजस्थान के 5 पुलिस जिले भिवाड़ी, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग और सवाई माधोपुर को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। इन जिलों से हाल के वर्षों में ऑनलाइन निवेश फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, बैंकिंग ठगी, मनी-म्यूल अकाउंट और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इन इलाकों में सक्रिय ठग दूसरे जिलों और राज्यों में बैठे लोगों को ठगते हैं। औद्योगिक, शहरीकरण और इंटरस्टेट मूवमेंट के कारण भिवाड़ी, अलवर और डीग बेल्ट साइबर अपराधियों का हॉट स्पॉट बनकर उभरा है। एकीकृत साइबर कंट्रोल रूम की तरह काम करेंगे फ्यूजन सेंटर:फ्यूजन सेंटर आधुनिक साइबर कंट्रोल रूम के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहां रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा एनालिसिस, आईपी और लोकेशन ट्रेसिंग, मोबाइल फॉरेंसिक और एआई आधारित एनालिसिस के जरिए जांच और कार्रवाई की रफ्तार कई गुना बढ़ेगी। बैंक, टेलीकॉम कंपनियों, एनसीआरपी, केवाईसी और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस से जुड़े डेटा का एकीकृत उपयोग होगा, जिससे शिकायत मिलते ही संदिग्ध नेटवर्क की मैपिंग और लोकेशन अलर्ट संभव होगा। पूरे राज्य की सपोर्ट के लिए जयपुर में राज्य स्तरीय सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जो चयनित जिलों के सेंटरों से समन्वय करेगा। प्रदेश में इस साल 1.14 लाख लोगों से ठगे गए 678 करोड़


