देश संविधान से चलेगा,फादर और चादर से नहीं:महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले-अजमेर दरगाह में शिव मंदिर,सर्वे के लिए लगाएंगे याचिका

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि इसके लिए सर्वे कराने की एक याचिका भी अजमेर कोर्ट में लगाई जाएगी। परमार ने कहा कि देश संविधान से चलेगा चादर और फादर से नहीं चलेगा। आने वाले दिनों में उम्मीद रखते है कि पुष्कर और प्रयागराज का गंगाजल दरगाह में चढ़ाया जाएगा। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज अजमेर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर दरगाह एक हिंदू मंदिर है, इसकी लड़ाई वह लंबे समय से लड़ रहे हैं। इसकी एक याचिका राष्ट्रपति को भी लगाई थी, जिसे राजस्थान गवर्नमेंट के सेक्रेटरी को कन्वर्ट किया गया है। अब इस लड़ाई को कोर्ट के जरिए लड़ा जाएगा। इसे लेकर अजमेर कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एपी सिंह के नेतृत्व में एक याचिका दायर की जाएगी। परमार ने कहा- निश्चित तौर पर कोर्ट पर हमें उम्मीद है। देश संविधान से चलेगा चादर और फादर से नहीं चलेगा। आने वाले दिनों में उम्मीद रखते है कि पुष्कर और प्रयागराज का गंगाजल दरगाह में चढ़ाया जाएगा। परमार बोले- हमें विश्वास है कि शिवजी का मंदिर है
परमार ने कहा- तीन लाख लोगों के पास अब तक पहुंच चुके हैं। 7800 किलोमीटर की यात्रा गहलोत सरकार के समय की थी। तत्कालीन सरकार से कहा था कि दरगाह में शिव चालीसा करने की अनुमति मांगी गई थी। अगर शिव निकला तो हमारे और शव निकला तो तुम रख लेना। संविधान के तहत जो भी सजा मिलेगी, वह मुझे मंजूर है। लेकिन विश्वास भी है कि वहां शिवजी का मंदिर है। पुराने समय की तस्वीर और शिवलिंग करेंगे पेश
परमार ने कहा कि माता-बहनों से यही कहूंगा कि नो फादर नो चादर, बस हर हर महादेव किया जाए। चादर और फादर में देश विश्वास नहीं रखता है। याचिका के जरिए कोर्ट से तमाम एजेंसियों से जांच करवा कर अजमेर दरगाह के अंदर हिंदू मंदिर होने की मांग की गई है। याचिका में पुराने समय की तस्वीर और शिवलिंग पेश किया जाएगा। इनको बनाया जाएगा पार्टी
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील डॉ. एपी सिंह ने बताया कि देश के राष्ट्रपति के यहां महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से याचिका लगाई थी। यह याचिका राजस्थान सरकार के चीफ सेक्रेटरी को भेजी गई। चीफ सेक्रेटरी की ओर से कॉरेस्पोंडेंस किया गया, जिसके आधार पर अजमेर कोर्ट में एक याचिका पेश की जाएगी, जिसमें अजमेर दरगाह नहीं शिवजी का मंदिर है। पुरातत्व काल से मंदिर है। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके पास प्राचीन तथ्य है। याचिका में वह आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट, राजस्थान सरकार और केंद्र का मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ पर्यटक मंत्रालय को पार्टी बनाया जाएगा।

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