देसूला में कब्रिस्तान की भूमि पर विवाद,रैली निकाली:सचिवालय पर धरना दिया-कहा कोई कब्रिस्तान की भूमि नहीं,यूआईटी करवा चुकी सीमाज्ञान

अलवर जिले के देसूला गांव में जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी के विरोध में सोमवार दोपहर दलित समाज और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने देसूला से पैदल मार्च रैली निकाली। रैली मिनी सचिवालय पहुंची, जहां कार्यकर्ता मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। देखे तस्वीरें… विवादित जमीन को लेकर यूआईटी (अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट) का दावा है कि यह भूमि कब्रिस्तान की है, जिसकी नाप-तोल और पैमाइश कर सीमाज्ञान पहले ही कराया जा चुका है। यूआईटी अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन पहले इस जमीन से अतिक्रमण हटवाकर सीमाज्ञान किया गया था। हालांकि स्थानीय लोगों का इस पर विरोध है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जमीन को लेकर पहले भी गांव में विरोध हो चुका है। दलित समाज के प्रतिनिधि चौधरी जगदीश जाटव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देसूला की जमीन पर पहुंचे और उसे कब्रिस्तान बताते हुए धमकियां देकर जगह खाली करवा दी। उनका कहना है कि इसके बाद वहां मौजूद हरे पेड़ भी काट दिए गए चौधरी जगदीश जाटव ने बताया कि इस मामले की पुलिस को सूचना दी गई और पटवारी से भी जानकारी ली गई। उनका आरोप है कि यूआईटी द्वारा जमीन को कब्रिस्तान बताया जा रहा है, जबकि वहां कोई कब्रिस्तान की भूमि नहीं है, इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। साथ ही पेड़ काटने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा आरोप लगाए गए कि देसूला के सरपंच द्वारा वहां गोचर भूमि के पट्टे दिलवाए गए, जिसकी भी जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जमीन पर बुलडोजर चलाने और हरे पेड़ काटने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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