इंदौर के हर वार्ड में क्या वास्तव में विकास हो रहा है और जनता उसे किस नजर से देखती है। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है विशेष सीरीज ‘वार्ड टॉक’।
इस सीरीज में पार्षदों के दावों के साथ-साथ जनता की राय, अधूरे काम और भविष्य की जरूरतों को भी सामने रखा जाएगा। आज के एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड क्रमांक 32, जहां से पार्षद और एमआईसी सदस्य राजेश राठौड़ हैं। क्या काम पूरे हुए, क्या अभी बाकी हैं और जनता 10 में से कितने अंक देती है—पढ़िए वार्ड के कामकाज का पूरा लेखा-जोखा। पढ़िए दैनिक भास्कर से राजेश राठौड़ की सीधी बातचीत सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
जवाब: मैं पांचवीं बार पार्षद हूं और जब भी मुझे नया वार्ड मिलता है, वहां मूलभूत समस्याएं सबसे पहले होती हैं। वार्ड 32 में भी ड्रेनेज, पानी और सड़कें सबसे बड़ी समस्या थीं। सबसे पहले ड्रेनेज लाइनें डलवाईं, फिर सड़कों का निर्माण कराया। करीब डेढ़ साल तक ड्रेनेज पर काम हुआ और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से सड़कें बनवाई गईं। आज लगभग 90 प्रतिशत सड़कें बन चुकी हैं और कुछ आदर्श सड़कें भी विकसित की गई हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन और यूरेशिया सम्मेलन के दौरान वार्ड को आदर्श बनाने का प्रयास किया गया। सुंदर सड़कों, ग्रीन बेल्ट और बगीचों का विकास हुआ। यूरेशिया गार्डन, ग्लोबल गार्डन और सिटी फॉरेस्ट जैसे प्रोजेक्ट पूरे किए गए, जहां प्रवासी भारतीयों से पौधरोपण भी कराया गया। बच्चों और खिलाड़ियों के लिए अटल खेल परिसर बनाया गया। यहां 25 साल से बंद पड़े स्विमिंग पूल का काम तेजी से चल रहा है। वार्ड के दो बड़े सरकारी स्कूलों में करीब एक-एक करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कराया गया, जहां करीब 600 बच्चे पढ़ते हैं। मूलभूत सुविधाओं से लेकर वार्ड को आदर्श बनाने तक लगातार काम किया गया है। सवाल: कौन से काम अभी अधूरे हैं?
जवाब: विधायक रमेश मेंदोला की निधि से वार्ड में एक बड़े अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। संजीवनी क्लिनिक तो हैं, लेकिन एक बड़े अस्पताल की जरूरत थी।
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या लीज नियमितकरण की है। करीब 35 साल पहले आईडीए ने 12×32 के मकान और प्लॉट दिए थे। समय के साथ लोगों ने बिना नक्शा पास कराए मकान बढ़ा लिए, जिससे लीज रिन्यू नहीं हो पा रही है। इस विषय में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा चल रही है और इसका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या रहती है?
जवाब: ड्रेनेज चोक होने की शिकायतें कभी-कभी आती हैं, लेकिन जहां नई लाइनें डाली गई हैं, वहां समस्या लगभग खत्म हो गई है। घरेलू चोक होने पर तुरंत टीम भेजी जाती है।
पानी की समस्या कुछ सेक्टरों में है, क्योंकि एक टंकी पिछले 13–14 साल से एलएंडटी के अधीन है। उसके चालू होते ही पानी की समस्या भी खत्म हो जाएगी। कुल मिलाकर सड़कें, लाइट, ग्रीन बेल्ट, कम्युनिटी हॉल जैसी सुविधाएं पर्याप्त हैं। सवाल:ऐसा कौन सा प्रयोग किया जिससे वार्ड में बदलाव आया?
जवाब: खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। अटल खेल परिसर को बेहतर बनाया गया है। स्विमिंग पूल शुरू होने के बाद बच्चों और युवाओं को तैराकी सीखने का अवसर मिलेगा। हमारा उद्देश्य इंटरनेशनल स्तर नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर वार्ड टॉक:वार्ड-22 के पार्षद से सीधी बात इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज हम पहुंचे हैं वार्ड 22, जहां से पार्षद हैं राजू भदौरिया। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब।पूरी खबर पढ़ें


