कोटा में देर रात 2 बजे एक व्यक्ति ने सीढ़ियों की रेलिंग से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में बेटी बाथरूम जाने के लिए उठी तो उसने पिता को रेलिंग से लटका हुआ देखा। परिजनों ने तुरंत उन्हें नीचे उतारकर एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के देवली अरब इलाके की है। मृतक की पहचान रामस्वरूप वाल्मीकि (50) के रूप में हुई है, जो नगर निगम में संविदा पर कार्यरत थे। परिवार के अनुसार, घटना के समय घर के सभी सदस्य सोए हुए थे। दोस्त की लोन की गारंटी दी थी, बैंक ने रिकवरी शुरू कर दी थी मृतक के बेटे चेतन वाल्मीकि ने बताया- उनके पिता ने अपने दोस्त मुकेश को पंजाब नेशनल बैंक से लोन दिलवाने में गारंटी दी थी। लेकिन कुछ समय पहले मुकेश की मौत हो गई। इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने उनके पिता से लोन की रिकवरी शुरू कर दी। पिता इस दबाव और तनाव में थे। करीब 8 से 9 लाख रुपए का कर्ज बाकी था। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। दोस्त की पत्नी ने बैंक का बकाया नहीं चुकाया चेतन ने बताया- मुकेश नगर निगम में स्थायी कर्मचारी था, उसकी मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को नौकरी मिल गई। लेकिन फिर भी उसने बैंक का बकाया नहीं चुकाया। इस कारण पिता लगातार मानसिक दबाव में थे। घटना की जानकारी मिलते ही बोरखेड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल भूपेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे। शिकायत के आधार पर होगा एक्शन भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि एमबीएस अस्पताल पुलिस चौकी से सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली गई। पोस्टमार्टम करवाया गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


