दो गांवों में अवैध शराब बिक्री का विरोध:कलेक्ट्रेट पहबुंची महिलाएं, नशामुक्त गांव बनाने की मांग

चरेगांव और भमोड़ी गांवों की बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस से अपने गांवों को नशामुक्त बनाने में मदद की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और शराब की दुकानें गांव के बीच में संचालित हैं। इसके कारण बच्चे, युवा और पुरुष शराब का सेवन कर रहे हैं, जिससे परिवारों में कलह बढ़ रही है और गांव का माहौल अशांत हो रहा है। भमोड़ी गांव में शराब के नशे में एक पुरुष ने महिला को पीटा, जिसके जवाब में महिला ने भी पुरुष की पिटाई कर दी। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। ग्रामीणों ने ऐसे कई अन्य उदाहरण भी प्रस्तुत किए। महिलाओं ने प्रशासन को नाले के किनारे बन रही कच्ची शराब के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अवैध उत्पादन गांव में शराब की उपलब्धता को और बढ़ा रहा है। चरेगांव में शराब बिक्री का विरोध कर रही महिलाओं को कथित तौर पर गांव में शराब को संरक्षण देने वाले लोगों ने धमकी दी। आरोप है कि पटवारी को उनके घरों में ले जाकर शराब का विरोध करने पर मकान तोड़ने की धमकी दी गई। भमोड़ी निवासी सुनीता बाई ने बताया कि 17-18 साल के बच्चे और युवा सुबह से ही शराब पीना शुरू कर देते हैं, जिससे घर और गांव का माहौल खराब हो रहा है। चरेगांव के युवक स्वप्निल बिसेन ने जानकारी दी कि गांव के भीतर शराब की दुकान चल रही है और कई जगहों से कच्ची शराब निकालकर बेची जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में संचालित शराब की दुकान को कहीं और स्थानांतरित किया जाए और कच्ची शराब की बिक्री पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जाए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *