देश में 30 फीसदी लोग किसी ना किसी तरह की एलर्जी से प्रभावित है। तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल में एलर्जी क्लिनिक अगले माह से काम करना प्रारंभ कर देगी। यह जानकारी आरयूएचएस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.प्रमोद येवले ने रविवार को एलर्जी की दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि क्लिनिक पर मेडिसिन, चेस्ट एवं ईएनटी के डॉक्टर तैनात रहेंगे। क्लिनिक पर आने वाले मरीजों का डेटा तैयार किया जा सकेगा। साथ ही जांच से यह पता लग जाएगा कि किसी तरह की एलर्जी किसके कारण हो रही है। कान्फ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष डॉ.मोहनिश ग्रोवर एवं साइंटिफिक के डॉ.राघव प्रकाश ने बताया कि कान्फ्रेंस में आए डॉक्टरों को देश में तेजी से बढ़ रहे एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, फूड-ड्रग एलर्जी जैसे रोगों के प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी। इस मौके पर कार्यक्रम के संरक्षक डॉ.विनोद जोशी, आरयूएचएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता उपस्थित थे। अनुभव को साझा किया कान्फ्रेंस के दौरान डॉ. हरविंदर एवं डॉ. थेवगी (मलेशिया), डॉ. सोमा (सिंगापुर), डॉ. येओन (बर्मिंघम) ने वैश्विक दृष्टिकोण, नवीनतम शोध एवं प्रमाण-आधारित एलर्जी निदान एवं प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए। अकादमिक सत्रों में एलर्जी डायग्नोस्टिक्स, स्किन प्रिक टेस्टिंग, स्पाइरोमेट्री, मेडिकल मैनेजमेंट, एलर्जी में सर्जरी की भूमिका, तथा एलर्जी से जुड़े सामान्य मिथकों एवं भ्रांतियों पर चर्चा की।


