बैठक में निर्णय तो लिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर नहीं उतरते हैं। ऐसा ही मामला है ब्लैक स्पॉट, जिसे चिह्नित तो किया जाता है, लेकिन दुर्घटना रोकने के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बोकारो जिले में हादसे की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है। लेकिन, मौतें बढ़ी है। जिले में 2024 में 251 हादसे हुए, जिसमें 186 मौतें हुई थी। वहीं 2025 में नवंबर माह तक 276 हादसे हुए, इसमें 201 लोगों की मौत हुई। दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करना और ओवर स्पीड है। सिर्फ नवंबर माह में कुल 25 सड़क हादसे हुए हैं, सबसे अधिक हादसे जरीडीह थाना इलाके में यानि एनएच-32 पर हुए हैं। ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर जस का तस छोड़ दिया जिले में करीब 9 स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित हैं। बावजूद चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर लगातार सड़क दुर्घटना हो रही है। ब्लैक स्पॉट में दुबारा दुर्घटना नहीं हो इसके लिए रिटेनिंग वॉल, बैरियर और सड़क के तीखे मोड़ों को ठीक किया जाता है। भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि चिह्नित किए गए ब्लैक स्पाट जस के तस हैं। कहीं भी साइनेज बोर्ड, स्पीड लिमिट, रंबल स्ट्रिप्स, कैट आई, संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना रोकने को करना है उपाय ऐसी 500 मीटर की वह सड़क, जहां पर तीन सालों में 5 भीषण हादसे हुए हो, जिसमें 5 गंभीर रूप से घायल हुए हों या फिर अलग-अलग हादसों में 3 वर्षों में 10 मौतें हुई हो। उसे ब्लैक स्पॉट माना जाता है। ब्लैक स्पॉट में संकेतक लगाना, जेब्रा क्रासिंग बनाना, मार्किंग रोड, ब्रेकर, सफेद पट्टी खींचना, हाईमास्ट लाइट लगाना होता है, जिससे यहां दुर्घटनाएं नहीं हो। वहीं कंस्ट्रक्शन सहित अन्य सुधार किए जाते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, डीसी ने कहा : जीरो दुर्घटना की ओर बढ़े बोकारो बोकारो | सोमवार को अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीसी ने कहा कि बोकारो को जीरो एक्सीडेंट की दिशा में ले जाने के लिए सभी संबंधित विभागों को गंभीरता, संवेदनशीलता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सड़क किनारे अवैध व अनियंत्रित पार्किंग के कारण आवागमन बाधित होता है, इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। ऐसे स्थलों को चिह्नित कर नियमित व विशेष अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से पेटरवार चौक, जोधाडीह मोड़ तथा बालीडीह-जैनामोड़ क्षेत्र को अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए लगातार निगरानी रखें एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में जोधाडीह से आईटीआई मोड़ तक नेशनल हाइवे पर ट्रकों व ट्रेलर की पार्किंग की भी बात सामने आई। इस पर कहा कि ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बार-बार अवैध पार्किंग करने वालों, नियम तोड़ने पर ट्रांसपोर्टरों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करें। नवंबर महीने में 483 बिना हेलमेट वालों पर की कार्रवाई 15 शराब पीकर ड्राइव करने वाले, बिना ड्राइविंग लाईसेंस के लिए 87, ओवर स्पीड में 30, िनयमों की अनदेखी करने और तेज ड्राइविंग में 7, बाइक पर तीन सवार वाले 520, बिना हेलमेट के 483 लोगों पर जुर्माना किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने कुल 2322 मामलों में फाइन किया है। इससे कुल 42 लाख, 95 हजार 750 रुपए जुर्माना वसूला गया। ट्रैफिक डीएसपी विद्यासागर के मुताबिक दिसंबर में दुर्घटनाएं बढ़ने की संभावना है। चालकों पर लगाम लगाने का प्रयास किया जाएगा।


