दो साल से बिक रहे शेर के नाखून:दिल्ली से राजस्थान में हो रहे थे सप्लाई, भास्कर स्टिंग के बाद वन विभाग की कार्रवाई

जालोर के सियावट गांव में वन विभाग ने डिकाय ऑपरेशन कर यहां से नौ जोड़े शेर के नाखून, दो पीस गेंडे की खाल के ब्रेसलेट और हाथी दांत से बना ब्रेसलेट जब्त किया। वन विभाग से पहले भास्कर ने यह स्टिंग किया। यहां से खरीदे गए शेर के नाखून का प्रयोगशाला में बायोरेट टेस्ट कराया जिसमें यह असली निकला। लक्ष्मी फैशन के नाम से चल रही इस दुकान से करीब दो साल से वन्य जीवों के अंग बेचे जा रहे थे। अंगों की सप्लाई दिल्ली से हो रही थी। रिपोर्टर को शेर के नाखून की कीमत 4500 रुपए प्रति पीस बताई। जंगली सुअर के दांत 3000 रुपए और गैंडे के खाल की कीमत 4500 रुपए बताई। दुकानदार नरेन्द्र सिंह ने दावे से कहा कि किसी भी जगह जाकर इसे चैक करवा लें, अंग इन्हीं जानवरों के ही निकलेंगे। भास्कर ने सैंपल के तौर पर शेर के नाखून को खरीदा और बाद में 25 पीस का ऑर्डर भी दिया। दुकानदार ने नाखून की जांच के लिए कटर से काटकर दिखाया। जिससे उसमें आ रही बदबू से यह साबित किया कि यह असली है। नरेन्द्र ने बताया कि दिल्ली से लेकर तमाम जगहों के ज्वैलर्स के यहां ऑर्डर आते हैं। दुकानदार बोला-वॉट्सऐप पर ऑर्डर लेकर पार्सल करते हैं
दुकानदार नरेन्द्र सिंह ने बताया कि ग्राहक वॉट्सऐप पर ऑर्डर देते हैं, उसके बाद यहां से पार्सल करते हैं। वन विभाग के अधिकारी भी खुद बेचते हैं, मेरे मित्र जालम सिंह की सेटिंग भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ है। वह बड़े शहरों में ही माल देता है। हर म​हीने के 15.20 पीस देकर जाता है। साथ ही गारंटी भी देता है कि अगर माल में दिक्कत आए तो रुपए वापस देने को तैयार है। जानिए…ऐसे की सौदेबाजी
भास्कर संवाददाता ने दुकानदार के सोशल मीडिया अकाउंट से नंबर लेकर दिल्ली का सर्राफा व्यापारी बताते हुए उससे बातचीत की। उसके बाद उसने शेर के नाखून के वीडियो भेजे। साथ ही जंगली सूअर के दांत, गैंड की खाल के फोटो-वीडियो भी भेजे। संवाददाता फिर दुकानदार से मिलने जालोर जिले के गांव सियावट पहुंचा। वह बार-बार दोस्त जालमसिंह से माल को लेकर बात कर रहा था। उसने ही चेक करवाने के लिए नाखून को कटर से काटकर दिखाने को कहा। भास्कर ने लेब में जांच कराई तो असली निकले नाखून
भास्कर ने शेर के नाखून असली है या नकली। इसकी जांच पशुचिकित्सा विभाग से करवाई। जांच के बाद बांसवाड़ा के जिला पशुचिकित्सालय निदान प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ विशाल मेहता ने बताया कि नाखून असली है। इसके लिए बायोरेट टेस्ट किया। डॉ मेहता ने बताया कि नाखून में किरेटिन (प्रोटीन) होता है। इसी का पता लगाने बायोरेट टेस्ट करते हैं। टेस्ट से पॉजिटिव केस में बैंगनी कलर आता है। अगर किरेटिन नहीं है तो ये टेस्ट निगेटिव(लाइनट ब्लू कलर) रहता है। इस नाखून की जांच में बैंगनी कलर आया, यानी यह असली है। सोशल मीडिया से कारोबार: मुरादाबाद में भी वन्यजीवों के अंग बिक रहे
जालौर से पकड़ा गया नरेन्द्र सोशल मीडिया के जरिए अपने कस्टमर से जुड़ा था। इसी तरह यूपी के मुरादाबाद में भी जंगली सूअर के दांत के अलावा सभी तरह के वन्यजीवों के अंग बेचे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी नंबर दे रखे हैं। संवाददाता ने संपर्क किया तो रोहित ने जंगली सूअर के दांत वॉट्सऐप किए। बड़े दांत की फोटो भेज मूल्य 3500 रुपए और छोटे पीस की रेट 2500 रुपए बताई। दावा किया कि अन्य वन्यजीवों के नाखून और सींग भी मिल जाएंगे। वॉट्सऐप से ऑर्डर से माल भिजवा देंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *