भास्कर न्यूज | महुआडांड़ प्रखंड के अति सुदूरवर्ती गांव दौना में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की गईं। बच्चों को ड्रेस, किताबें और बैग दिए गए। जबकि ग्रामीणों को जर्सी, कंबल, टोपी, चप्पल, शाल, दरी और साइकिलें वितरित की गईं। खाद्य सुरक्षा के लिए ग्रीन कार्ड भी बांटे गए। विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और आवेदन प्राप्त किए। बैंक खाता, आधार कार्ड और दिव्यांगजन के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गईं। कार्यक्रम में अधिकारियों ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही विकसित समाज होता है। उन्होंने युवाओं को खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लेने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनके साथ है । उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ग्रामीणों के सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, एसपी कुमार गौरव, सीआरपीएफ कमाडेंट 11 बटालियन यादराय बुनकर, द्वितीय कमान अधिकारी 11 बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई, डीडीसी सुरजीत कुमार सिंह, एसी रामा रविदास, एसडीओ बिपिन कुमार दुबे, बीडीओ संतोष बैठा, थाना प्रभारी अवनीश कुमार, जिला परिषद सदस्य ईस्तेला नगेसिया समेत सभी विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।


