दौसा कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने जिले में संचालित सहकारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) से विहीन ग्राम पंचायतों में मासिक लक्ष्य तय कर पैक्स गठन की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक रोहित सिंह ने बताया कि बैंक किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में पैक्स विहीन 17 ग्राम पंचायतों में पैक्स गठन की विभागीय स्वीकृति आ चुकी है तथा शेष 51 ग्राम पंचायतों में पैक्स एवं डेयरी समितियों के पंजीयन की प्रक्रिया की जा रही है। इस अवसर पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों की ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की गई। यह समितियां ग्रामीण किसानों को उर्वरक, बीज, कीटनाशक, किराये पर कृषि यंत्र और वित्तीय सहायता प्रदान कर स्थानीय स्तर पर कृषि और सहकारिता के विकास में योगदान दे रही है। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्यविधियों को सुदृढ़ बनाने एवं इन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा ‘म्हारो खातो, म्हारो बैंक’ अभियान को और प्रासंगिक बनाने पर भी चर्चा की गई। पोस्टर का विमोचन
बैठक में समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अवसर पर पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और समृद्धि की कुंजी भी है। सहकार से समृद्धि का संदेश देते हुए सहकारी संस्थाओं से आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की। इस अवसर पर एडीएम रामस्वरूप चौहान, जिला परिषद सीईओ नरेंद्र कुमार मीणा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक, सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार तथा बैंक के अधिशाषी अधिकारी एवं मुख्य प्रबन्धक मौजूद रहे।


