दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र निवासी एक मजदूर की महाराष्ट्र के नागपुर में मौत हो गई। मंगलवार को मजदूर का शव उसके गांव टोरडा पहुंचा तो परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मुआवजे की मांग को लेकर डेडबॉडी लेने से इनकार कर दिया। सूचना पर सिकंदरा थाना इंचार्ज अशोक चौधरी ने मय जाप्ते मौके पर पहुंच घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 5 घंटे की वार्ता के बाद शाम को ठेकेदार द्वारा आर्थिक मदद करने पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिजन विश्राम बैरवा ने बताया कि कस्बे निवासी ठेकेदार प्रभुदयाल के साथ होली से पहले महेश कुमार (32) नागपुर महाराष्ट्र में मजदूरी करने गया था, जिसकी 29 मार्च को लापता होने की जानकारी दी गई। ठेकेदार द्वारा 4 अप्रैल को फोन पर फिर दिल्ली होने की सूचना दी गई। 7 अप्रैल सोमवार सुबह करीब दस बजे नागपुर महाराष्ट्र में ही कुएं में मजदूर का शव मिलने की जानकारी दी गई। ठेकेदार द्वारा नागपुर में शव का पोस्टमॉर्टम कराकर एम्बुलेंस से शव लेकर टोरडा मलेटया ढाणी पहुंचा। जहां परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और हत्या की आशंका जताते हुए न्याय की मांग की। सूचना पर सिकंदरा थानाधिकारी अशोक कुमार व सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा मौके पर पहुंचे व परिजनों से समझाइश की गई। जहां ठेकेदार द्वारा मृतक के परिजनों को 13 लाख रुपए सहायता राशि देने का आश्वासन दिया गया। उसके बाद परिजन शव लेने पर सहमत हुए।


