पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश में पुलिस-प्रशासन पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। भाजपा के डेढ़ साल के शासन में प्रदेश की जनता त्रस्त हो गई है। छत्तीस कौम के संत पोमजी महाराज की पत्नी की एक साल पहले हुई हत्या का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। वे नीलकंठ पहाड़ी पर आयोजित सरगरा समाज के मेले में बोल रहे थे। उन्होंने भाजपा पर गोहत्या को लेकर भी निशाना साधा। कहा कि भाजपा सनातन की बात करती है, लेकिन गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं लगा पाई। इतना ही नहीं, गोमांस बेचने वाली कंपनियों से करोड़ों रुपए का चंदा भी ले रही है। भाजपा के डेढ़ साल के शासन में प्रदेश की जनता त्रस्त हो गई है। नरेगा मजदूरों को चार महीने से मजदूरी नहीं मिली है। सरकार बिना किसी कानूनी प्रावधान के पालिका चुनावों को टाल रही है। लोढ़ा ने भाजपा को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि जब बाबा साहेब ने संविधान बनाया, तब इन्हीं लोगों ने विरोध किया था। आरएसएस ने 50 साल तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हर तबके के लिए काम किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली मंदिर में दर्शन करने के लिए गए तो भाजपा के नेता ने पूरा मंदिर गंगाजल से धुलवाया। लोढा ने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि ये लोग सनातन की बात करते हैं, लेकिन जब गोवध की बात आती है तो इनके मुंह बंद हो जाते हैं। इससे पूर्व लोढ़ा व मेवाड़ा के मेला स्थल पहुंचने पर सरगरा समाज की ओर से उनका साफा व माला पहनाकर स्वागत सत्कार किया गया। इस अवसर पर सरगरा समाज के पंच पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


