नियमितीकरण की मांग व नियमों में बदलाव के विरोध में शुक्रवार को संविदा नर्सेज ने जिला अस्पताल में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि राज्य सरकार व विभागीय अधिकारीयों को कई बार ज्ञापन देकर नई भर्ती की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक भर्ती विज्ञापन नहीं निकाला गया। इसके विपरीत राज्य सरकार संविदा नियम 1965 में बदलाव करना चाहती है जो कि सरकार व अधिकारियों की संविदा कर्मचारी विरोधी मानसिकता दर्शाता है। ऐसे में अगर नियमों मे बदलाव होता है तो संविदा निविदा नर्सेज का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इनका कहना है कि अधिकांश नर्सेज कभी नियमित नहीं हो सकते। इसके विरोध में संविदा निविदाकर्मी प्रदेश महासंघ ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए एक दिन कार्य स्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। नियमित भर्ती की मांग प्रदेश अध्यक्ष राकेश सैनी ने बताया कि जिस तरह नर्सेज भर्ती 2013, 2018 और 2023 की हुई थी। ऐसे में इस बार भी भर्ती मैरिट प्लस बोनस के आधार पर हो। अगर राज्य सरकार अब भी अपने फैसले पर विचार नहीं करती है तो नर्सेज का अब तक सबसे बड़ा आंदोलन करेंगे। मीडिया प्रभारी कपिल सैनी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बने सिंह गुर्जर, रामवतार मीणा, प्रदेश संयोजक अरबाज खान, जिलाध्यक्ष विजय मीना, बाबू सरिया, जगमोहन मीना, ओमप्रकाश मीना, दीपांशु तिवारी, पवन शर्मा, अभिषेक गुर्जर, उम्रेश मीना रोहित पंचोली समेत कई अन्य मौजूद रहे।


