दौसा में बुधवार को कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। शहीद स्मारक पर जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ के नेतृत्व में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ईडी सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के सामने केन्द्र सरकार का पुतला फूंका। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोर्ट ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी को दोषमुक्त किया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा था। एससी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ममता भूपेश ने कहा कि केंद्र सरकार ने सत्ता में आते ही जनता की आवाज उठाने से रोकने के लिए कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं के खिलाफ झूठे आरोप और निराधार केस दर्ज किए। नेशनल हेराल्ड मामले में ED के पिछले 11 सालों से जारी फर्जी केस को विशेष अदालत ने निराधार मानते हुए संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस नेताओं को परेशान करने का काम केन्द्र सरकार ने किया है। कई नेताओं ने विचार व्यक्त किए विधायक डीसी बैरवा ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने के लिए कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। कांग्रेस हमेशा ईमानदारी के रास्ते पर चली है और जनहित के अनेकों कार्य किए हैं। पूर्व विधायक जीआर खटाना और ओमप्रकाश हुड़ला ने कहा कि अदालत में यंग इंडियन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई को अवैध एवं दुर्भावना से ग्रसित पाया है। कांग्रेस नेतृत्व सत्य और हर भारतीय के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। युवा कांग्रेस ने भी जताया विरोध युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव करतार सिंह माल व जिलाध्यक्ष दीपक पटेल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला BJP की बदले की राजनीति और ED के दुरुपयोग का उदाहरण था। झूठे आरोपों के बावजूद सच अडिग रहा और न्यायालय ने फैसला गांधी परिवार के पक्ष में दिया बीजेपी का झूठ जनता के सामने आया। कल का फैसला साबित करता है कि सत्य और न्याय की जीत होती है। इस दौरान जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, पीसीसी सदस्य सुरेन्द्र गुर्जर, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव रोहित मीणा, दौसा कार्यकारी विधानसभा अध्यक्ष हरकेश अवाना, प्रदेश सचिव विजेंद्र डोई, NSUI जिला उपाध्यक्ष अशोक डागोलाई, मनजीत मलारना समेत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


