दौसा में श्मशान के लिए रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीण 20 घंटे तक शव के साथ धरने पर बैठे रहे। वे रास्ता खुलवाने की मांग पर अड़े रहे। शनिवार दोपहर बाद जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बातचीत कर समझाइश की तो वे माने। इसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार किया। मामला जिले के सिंकदरा क्षेत्र के पीलवा गांव का है। मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। शुक्रवार को हुई थी मौत, श्मशान के रास्ते तार लगा देख भड़के जानकारी के अनुसार मुन्नालाल सैनी की शुक्रवार को मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए निकलते तो श्मशान के रास्ते में कंटीले तार लगे हुए मिले। ये देख नाराज लोग भड़क गए और शव को रास्ते में रख रास्ता खुलवाने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि रास्ते की मांग को लेकर कई बार शिकायत कर चुके थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि यह उनकी खातेदारी की जमीन है। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन,परिजन रास्ता खुलवाने की मांग पर अड़े रहे। शनिवार दोपहर बाद दोबारा पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और समझाइश की। परिवार को आश्वासन दिया कि जल्द ही रास्ता खोला जाएगा। राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता में रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।


