जैसलमेर में 6 दिसंबर को शहर के इंदिरा इंडोर स्टेडियम से ‘द बॉर्डर अल्ट्रा मैराथन’ का आगाज होने जा रहा है। ‘द हेल रेस संस्था’ द्वारा आयोजित यह इवेंट अब राष्ट्रीय पटल पर एक बड़ी पहचान बना चुका है। यह एक अल्ट्रा मैराथन है, इसका रुट 160 किमी का है।
इसकी शुरुआत महज 40 धावकों से हुई थी, लेकिन मात्र 2 सालों में ही इसमें हिस्सा लेने वाले धावकों की संख्या बढ़कर 1200 तक पहुंच गई है, जो इस इवेंट की लोकप्रियता और जैसलमेर के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है। शनिवार आयोजित होने वाली इस मैराथन में जैसलमेर जिले के 2 प्रशासनिक अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। जैसलमेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी व नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। वे 50 किमी की मैराथन में भाग ले रहे हैं। मैराथन में प्रशासनिक जोश- ADM और नगरपरिषद कमिश्नर भी लेंगे हिस्सा
इस वर्ष की मैराथन को जो बात सबसे ज्यादा रोचक और प्रेरणादायक बनाती है, वह है जैसलमेर जिला प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों का इस चुनौती में सीधा हिस्सा लेना। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) परसाराम सैनी और नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा इस अल्ट्रा मैराथन के 50 किलोमीटर वर्ग की दौड़ में भाग लेंगे। यह जानकारी मिलते ही पूरे शहर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया है। इस बारे में कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया – दौड़ना उनका शुरू से ही शौक रहा है और वे लगातार हर रोज 5 से 10 किमी दौड़ लगाते हैं। जैसे ही इस बॉर्डर मैराथन का पता चला तब हमने भी रजिस्ट्रेशन करवाया और 50 किमी में पार्टिसिपेट के लिए आवेदन किया है। इसकी प्रेक्टिस भी हम लगातार कर रहे हैं। 160 किलोमीटर तक की चुनौती मैराथन ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, इस मैराथन में देश भर के धावक हिस्सा ले रहे हैं। दौड़ की शुरुआत इंदिरा इंडोर स्टेडियम से 6 दिसंबर को सुबह 10 बजे होगी, जिसका समापन अगले दिन शाम तक लोंगेवाला में इसका समापन होगा। यह एक अल्ट्रा मैराथन है, इसका रुट 160 किमी का है। 1200 धावक अल्ट्रा मैराथन में भागेंगे इस इवेंट में धावक 160 किलोमीटर, 100 किलोमीटर और 50 किलोमीटर की तीन मुख्य श्रेणियों में दौड़ेंगे। इसके अलावा, हर 10 किलोमीटर पर धावकों के लिए हाइड्रेशन स्टेशन उपलब्ध कराए जाएंगे। द हेल रेस के विश्वास कुमार ने बताया कि – न कैटेगरी में आयोजित होने जा रही इस दौड़ में 1200 धावक हिस्सा ले रहे हैं। हिस्सा लेने वाले धावकों का उत्साह हर साल बढ़ रहा है और जल्द ही यह संख्या 10 हजार के आंकड़े को पार कर सकती है।


