करौली में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक:SIR अभियान, ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ आंदोलन को मजबूत करने पर हुआ मंथन

करौली में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक शुक्रवार को एक निजी मैरिज गार्डन में हुई। इस बैठक में राजस्थान में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान और पार्टी के ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ आंदोलन को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
साथ ही 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली हस्ताक्षर महारैली में करौली जिले से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी मंथन हुआ। बैठक में संभाग प्रभारी, टोडाभीम विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज सिंह, पूर्व विधायक करौली लाखन सिंह कटकड़ और पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान
बैठक की अध्यक्षता कर रहे घनश्याम महर ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने जनसभा कार्यक्रमों में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को गांव-ढाणी तक पहुंचाने पर जोर दिया।
महर ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सीधे जनता से जुड़कर सरकार की कथित नाकामियों को उजागर करना होगा और पार्टी की विचारधारा को सशक्त तरीके से प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर चलाया जा रहा है। मतदाता सूचियों में धांधली का आरोप
पूर्व विधायक लाखन सिंह कटकड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतदाता सूचियों में धांधली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि दलित, आदिवासी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक मतदाताओं के नाम गुपचुप तरीके से बढ़ाए जा रहे हैं।
कटकड़ ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांवों और वार्डों में जाकर इस मुद्दे को जनता के सामने रखें, क्योंकि वोट कम होने से लोगों के अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित होगा। एकजुट रहने का आह्वान
पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा की कथित साजिशों को नाकाम करने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई और उपस्थित पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

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