धनबाद पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर उनकी जान बचाना है। यह पहल जिला परिवहन विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मेमको मोड़ पर की गई। जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक हैं। वर्ष 2025 में अब तक लगभग 350 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें करीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर परिणाम दे रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस महकमा सड़क पर उतरा और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान ‘टीम शक्ति’ के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए या तेज रफ्तार में वाहन चलाने के खतरों को दर्शाया गया। नाटक में ‘यमराज’ के किरदार ने राहगीरों को प्रभावित किया, जिससे कई लोगों ने मौके पर ही नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य चालान से राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोग डर के बजाय समझदारी से यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट को जीवन रक्षक कवच बताया। पुलिस ने घोषणा की है कि 1 फरवरी से एक विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत, बाइक पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होगा, और गलत नंबर प्लेट तथा ब्लैक फिल्म पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का अंतिम लक्ष्य राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि ‘जीरो एक्सीडेंट’ हासिल करना है।


