झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। सबसे पहले अस्पताल के इमरजेंसी में जाकर रजिस्टर देखा। इसमें मरीजों की कम उपस्थिति पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. चंद्रभानु प्रतापन से सवाल किया तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि मरीजों की संख्या कम है। इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से सारी सुविधाएं देने के बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिलना अपराध जैसा है। इमरजेंसी में ही बेड पर बिछी चादर देखकर वह भड़क गए, कहा यह चादर है या गमछा। मंत्री ने चादर बदलने का निर्देश दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट के इनडोर पहुंचे। यहां एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं थी। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिली तो फोन पर किया बात उन्होंने अस्पताल के गायनी विभाग से गायनेकोलॉजिस्ट डॉ सुमन को फोन लगाकर पूछा कि आज अभी ड्यूटी पर क्यों नहीं हैं तो चिकित्सक ने उन्हें बताया कि वह ऑन कॉल ड्यूटी पर हैं। मरीज के आने पर उन्हें अस्पताल से कॉल किया जाएगा तो वह अस्पताल आ जाएंगी। स्थिति से नहीं हैं संतुष्ट, जल्द लिया जाएगा निर्णय
निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि सदर अस्पताल की हालत देख वह संतुष्ट नहीं हैं। अस्पताल की कमियां दूर करने और मरीजों को सुविधा दिलाने के लिए वह हर स्तर पर आवश्यक कदम उठाएंगे। व्यवस्थाओं में कैसे सुधार किया जाए, इसपर जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा। वार्डों में गंदगी देख जताई नाराजगी
स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान गंदगी देख नाराजगी जताई। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल रंगाई-पुताई का काम चल रहा है। इस कारण कहीं-कहीं गंदगी है। मंत्री के समक्ष अस्पताल के नोडल पदाधिकारी ने वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण कई कार्य कराए जाने में असमर्थता जताई तो अस्पताल में मैनपावर की कमी की जानकारी भी दी। इसपर मंत्री ने जल्द समाधान की बात कही।


