छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध गौ-तस्करी करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सिहावा पुलिस ने 16 गौवंश को मुक्त कराया है, जिन्हें क्रूरतापूर्वक ओडिशा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। धमतरी जिले के सिहावा थाना पुलिस को गौवंश की अवैध तस्करी कर उन्हें ओडिशा ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां 6 व्यक्ति 10 गाय, 4 बछड़े और 2 बछिया को रस्सियों से बांधकर, बिना दाना-पानी के, डंडों से मारते हुए जबरन हांककर ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर आरोपियों से पूछताछ की गई। आरोपियों ने गौवंश खरीदी-बिक्री के लिए दस्तावेज नहीं दिखाए पूछताछ में आरोपियों ने गौवंश की खरीदी-बिक्री या परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने स्वीकार किया कि इन पशुओं को रायघर (ओडिशा) के पशु बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। आरोपी सुकनाथ सतनामी द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (हीरो स्प्लेंडर क्रमांक OD-24-L-3202) भी जब्त की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शैलेंद्र पांडे ने बताया कि आरोपियों द्वारा पालतू गौवंश का अवैध और क्रूरतापूर्वक परिवहन कर विक्रय किया जा रहा था, जो एक दंडनीय अपराध है। इस कृत्य पर सिहावा थाना में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उष्तम मधुमंखी (23 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), सुकनाथ चतुर्वेदी (30 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), सूरज बघेल (20 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), लोकेश्वर सोनबेर (23 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़), विजय सेवई (30 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़) और कृष्णा सेवई (54 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़) शामिल हैं।


