धमतरी में NSUI का विरोध प्रदर्शन:​​​​​​​सरकार के फैसले पर उठाए सवाल, स्कूल के बाहर छात्रों को ब्लैकबोर्ड के सामने बैठाकर जताया विरोध

छत्तीसगढ़ के धमतरी में NSUI कार्यकर्ताओं ने स्कूल में ताला जड़कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। स्कूल के बाहर ब्लैकबोर्ड के साथ बच्चों को बैठाकर प्रदर्शन का आयोजन किया गया। NSUI ने साय सरकार के 4000 स्कूलों को बंद करने के फैसले का विरोध किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार स्कूलों की जगह शराब की दुकानें खोल रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। एनएसयूआई का सरकार पर गंभीर आरोप एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार 4000 स्कूलों को बंद कर उन्हें अन्य स्कूलों में मर्ज करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हाल ही में 67 नई शराब दुकानों को खोलने का आदेश जारी किया गया है। राजा देवांगन का कहना है कि सरकार जानबूझकर युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है, जबकि शिक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है, निजी स्कूलों को बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां शराब दुकानें खोली जा रही हैं, वहां जनविरोध हो रहा है, फिर भी सरकार जनता की बात नहीं सुन रही। उन्होंने मांग की कि स्कूलों को यथावत चालू रखा जाए और विरोध वाले क्षेत्रों में शराब दुकानों को बंद किया जाए। एनएसयूआई के आरोपों पर भाजपा ने किया पलटवार इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामु रोहरा ने एनएसयूआई के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 हजार स्कूल बंद नहीं किए जा रहे, बल्कि उन्हें मर्ज किया जा रहा है। उनके अनुसार, जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, उन्हें पास के बड़े स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सके। रामु रोहरा ने कहा, “कांग्रेस को ज्ञान कहां से मिल रहा है, यह समझ नहीं आता। जो शराब दुकानें खोली जा रही हैं, वे वैधानिक रूप से हैं, और नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ पहले से ही कार्रवाई चल रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *