डूंगरपुर जिले के धम्बोला में आयुर्वेद विभाग और राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय निःशुल्क क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शनिवार को समापन हो गया। इस शिविर में 177 मरीजों की शल्य चिकित्सा की गई, जबकि ओपीडी में 2379 मरीजों को उपचार प्रदान किया गया। यह शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) एवं स्वतंत्रता सेनानी मंसुखराम पंड्या राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय धम्बोला में आयोजित किया गया था। शिविर समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर रहे। शिविर प्रभारी एवं संभागीय समन्वयक आयुर्वेद विभाग डूंगरपुर डॉ. अभयसिंह मालीवाड ने जानकारी दी कि दस दिवसीय शिविर में 177 मरीजों को अर्श (बवासीर) और भगंदर रोग के लिए भर्ती कर शल्य चिकित्सा की गई। इसके अलावा पंचकर्म से 555, अग्निकर्म से 268, न्यूरो चिकित्सा से 200, काय चिकित्सा से 840 और स्वर्णप्राशन से 104 बच्चों को लाभ मिला। ओपीडी में विभिन्न रोगों से पीड़ित 2379 मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियों से उपचार प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पूर्वजों की देन बताया। उन्होंने कहा कि अब लोगों का रुझान वापस आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है और हमें अपनी दिनचर्या में योगा को शामिल कर खानपान से स्वस्थ रहना चाहिए। उन्होंने शरीर और मन के संतुलन को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस अवसर पर शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले चिकित्साधिकारियों और अन्य कार्मिकों को सम्मानित भी किया गया।


