मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में 9 दिन से जारी हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा। अब विवि प्रशासन के खिलाफ 327 संविदा, 150 स्थायी अशैक्षणिक कर्मचारियों के साथ ही करीब 250 स्थायी शैक्षणिक कर्मचारियों ने शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। ये लंबित पदोन्नति की मांग के लिए मोर्चा खोलेंगे। कुल मिलाकर स्थिति यह हो गई है कि वीसी, रजिस्ट्रार-डीन-डायरेक्टर जैसे चंद पदों को छोड़कर सुविवि के पूरे कर्मचारी हड़ताल पर होंगे। इस बीच, बुधवार को संविदाकर्मियों ने सेवा विस्तार का आदेश हासिल करने और अशैक्षणिक कर्मचारियों ने साइंस कॉलेज के कमरा नंबर 99 में बैठक नहीं करने देने के विरोध और डीन प्रो. एमएस ढाका को पद से हटाने सहित अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। एबीवीपी के कुछ छात्रनेता प्रशासनिक भवन के छज्जे व छत जा चढ़े। प्रताप नगर थाना पुलिस ने समझाइश कर उन्हें छत से उतारा, लेकिन वे छज्जे पर जमे रहे। हंगामे के बीच कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा दोपहर 12:21 बजे दफ्तर पहुंचीं तो संविदा व स्थायी कर्मचारियों के साथ मिलकर छात्रनेताओं ने घेराव किया। पुलिस सुरक्षा में वे दफ्तर तक पहुंचीं। छात्र भी कर्मचारियों के साथ, सुविवि में केवल वीसी-रजिस्ट्रार-डीन ही हाजिर
छात्र संगठन पहले से कर्मचारियों का साथ दे रहे हैं। कर्मचारियों ने उनके साथ मिलकर दोपहर 12:25 बजे से शाम 5:30 बजे तक करीब 5 घंटे तक दफ्तर के अतिथि कक्ष के अंदर और प्रशासनिक भवन के बाहर धरना दिया। गुरुवार को एबीवीपी के तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह, इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक आदि धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। विवि प्रशासन ने मनाया, लेकिन नहीं माने
शाम 7:30 बजे प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने कहा कि वीसी के निर्देश पर संविदाकर्मियों की सेवा का विस्तार 28 फरवरी तक कर दिया है। हालांकि संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि हमें 28 फरवरी तक का नहीं, पूरे 11 माह तक का विस्तार चाहिए। शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के संरक्षक भरत व्यास, पूर्व अध्यक्ष संजय भटनागर ने वीसी व रजिस्ट्रार वृद्धिचंद गर्ग को ज्ञापन दिया। टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र राठौड़ ने कहा कि पदोन्नति के लिए शुक्रवार से आंदोलन करेंगे।


