छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विदेशी फंडिंग संबंधी बयान को पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने हास्यास्पद बताते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य दोनों में बीजेपी की सरकार है, तो उन्हें बताना चाहिए कि अब तक कितने केस सामने आए और क्या कार्रवाई हुई। साहू ने कहा कि प्रदेश के मुखिया को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। पहले कार्रवाई करें, फिर इस तरह के आरोप लगाएं। सिर्फ बयानबाजी करने से सच नहीं बदलता। इसके अलावा, उन्होंने पंचायत चुनाव और कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। पंचायत चुनाव में बीजेपी द्वारा बंपर जीत के दावे को उन्होंने झूठा करार दिया, वहीं किसान कार्ड को आम किसानों के लिए अनुपयोगी बताया। पंचायत चुनाव में बीजेपी के बंपर जीत के दावे पर सवाल राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी के दावों पर सवाल खड़ा करते हुए धनेंद्र साहू ने कहा कि यह चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहे हैं, फिर भी बीजेपी दबाव और धमकी देकर अपने प्रत्याशियों को जिताने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पूरी तरह से झूठे दावे कर रही है और चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में दिखाने का प्रयास कर रही है। कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन पर उठाए सवाल कृषि क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रही सरकार के किसान कार्ड को उन्होंने आम किसानों के लिए अनुपयोगी करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार अब तक किसानों की समस्याओं को समझ नहीं पाई है। उन्होंने सवाल किया कि कितने प्रतिशत किसान उन्नत तकनीकी का प्रयोग कर पा रहे हैं? उन्होंने यह भी कहा कि आम किसानों को ‘फॉर्मर आईडी’ का कोई फायदा नहीं हो रहा है। सरकार को पहले धान खरीदी और मिलिंग की व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज के खिलाफ पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए धनेंद्र साहू ने कहा कि कुछ नेता मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं आनी चाहिए और पार्टी के अंदर ही सुलझानी चाहिए।


