झाबुआ के मदरानी गांव में धर्मांतरण और आदिवासी युवक से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में दो ईसाई पास्टर और पांच अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सर्व आदिवासी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार देर रात की गई। जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को ग्राम मदरानी निवासी आदिवासी युवक गेंदाल डामोर जब अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में दो ईसाई पास्टर और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने युवक पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया। मना करने पर दी जान से मारने की धमकी युवक के मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने धर्म परिवर्तन नहीं करने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पीड़ित युवक का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। उस पर पत्थर फेंके गए, जिससे उसे चोटें आईं। आरोपियों के घर की ओर भी पत्थर फेंकने की बात सामने आई है। सर्व आदिवासी समाज ने किया विरोध प्रदर्शन घटना की जानकारी मिलते ही सर्व आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। देर रात तक उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने थाना काकनवानी और मदरानी चौकी पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग इसके साथ ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा गया कि आदिवासी क्षेत्रों में लालच, दबाव और धमकी के माध्यम से अवैध धर्मांतरण के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। आदिवासी समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि भोले-भाले आदिवासियों को निशाना बनाकर उनकी परंपरा, संस्कृति और पहचान को कमजोर किया जा रहा है।


