पन्ना में ‘UL4BC (फुटबॉल 4 वॉश)’ परियोजना के तीन साल पूरे होने पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शनिवार को किया गया। इस परियोजना के तहत बच्चों ने फुटबॉल के माध्यम से स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यशाला में बच्चों के प्रदर्शन और उनके व्यवहार में आए बदलाव की सराहना की गई। यह परियोजना जिला प्रशासन, ‘समर्थन’ और ‘परमार्थ’ जैसी समाजसेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। 20 दिसंबर को शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यशाला में परियोजना की अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने परियोजना की सफलता पर घोषणा की कि इस कार्यक्रम का विस्तार अब जिले के सभी स्कूलों में किया जाएगा। मरावी ने कहा कि जब बच्चे खेल-खेल में व्यवहारिक गतिविधियों से जुड़ते हैं, तो उनमें स्वावलंबन और स्वरोजगार के विचार पनपने लगते हैं। यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई गति देगा। इस कार्यशाला में लगभग 115 बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों ने फुटबॉल के खेल के माध्यम से जल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने कठपुतली नाटक के जरिए WASH (वॉटर एंड सैनिटेशन) से संबंधित गंभीर विषयों को सरल और मनोरंजक तरीके से समझाया। कार्यशाला में जल संरक्षण पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने उपस्थित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (सर्वशिक्षा अभियान) ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों और स्कूल कोच की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार में दिख रहा सकारात्मक बदलाव एक स्वच्छ समाज की नींव है। जल निगम के महाप्रबंधक शिवम सिन्हा ने इन गतिविधियों को ग्रामीण स्तर तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मान की गूंज: जब चमके मेडल बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को सीईओ जिला पंचायत ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में प्रमोद तिवारी, सपना तिवारी, अंजना श्रीवास्तव, श्रीकांत नामदेव, रेखा देवी, नरेंद्र शर्मा, रमजान खान और चरणदास नामदेव शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन ‘समर्थन’ संस्था के क्षेत्रीय समन्वयक ज्ञानेन्द्र तिवारी, जिला समन्वयक आरती विश्वकर्मा और कमलचंद्र सेन ने किया। इस दौरान सरपंच रामरानी गोंड़ ने भी महिलाओं द्वारा जल संरक्षण में निभाई जा रही सक्रिय भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए।


