धर्म परिवर्तन के मामले में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज:आरोपियों की ओर से कोर्ट में लिखित बहस पेश, धार्मिक सभा में केवल ईश्वरीय प्रवचन हुए, कलेक्टर से परमिशन ली थी

कोटा में जबरण धर्म परिवर्तन कराने के मामले में ईसाई मिशनरियों की ओर से लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। फरियादी योगेश रेनवाल के वकील भरत कुमार कुशवाह ने बताया कि आरोपी अरुण जॉन (39) निवासी बेरशेबा चर्च, कैनाल रोड बोरखेड़ा व चंडी वर्गिस (61) निवासी न्यू रंजीत नगर पटेल नगर मध्य दिल्ली की ओर से धारा 482 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत डीजे कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई गई थी। मामला डीजे कोर्ट से सुनवाई के लिए ADJ 2 कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। दोनों पक्षों के प्रार्थना पत्र पर बहस सुनने के बाद ADJ 2 कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडवोकेट भरत ने बताया कि आरोपियों की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का प्रार्थना पत्र पेश करने के बाद लिखित बहस भी पेश की गई। आरोपियों की ओर से पेश लिखित बहस पर फरियादी की ओर से कोर्ट में जवाब पेश किया। कोर्ट ने सभी तथ्यों को सुनकर, मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। आरोपियों की ओर से ये पेश की लिखित बहस – फरियादी ने FIR में किसी भी व्यक्ति का नाम नही लिखवाया जिसको प्रार्थीगण द्वारा किस व्यक्ति को कब धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया, अथवा धर्म परिवर्तन करवाया। मामला झूठा है। – 4 और 6 नवंबर को सत्संग में धार्मिक प्रवचन दिए गए थे। किसी धर्म का कोई अपमान नहीं किया गया। न हीं हिंदू या अन्य जाति के व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करवाया गया। उक्त आयोजन की परमिशन जिला कलेक्टर कोटा से ली गई थी। धार्मिक सभा में केवल ईश्वरीय प्रवचन हुए थे। – सम्मेलन की धार्मिक सभा ईसाई धर्म के नियमों व सिद्धांतों के अनुसार चर्च परिसर कोटा में खुले परिसर में टेंट लगाकर हुई थी कोई कार्य चोरी छिपे नहीं किया गया था। -सत्संग के 15 दिन बाद FIR दर्ज करवाई गई जो की सोच समझकर आफटर थॉट लीगल राय प्राप्त कर दर्ज करवाई गई है। – सुप्रीम कोर्ट ने एंटी कन्वर्जन के दुरुपयोग हेतु लिए अपने फैसले में 17 अक्टूबर 2025 से FIR संख्या 224/25 को रद्द कर दी है। 55/13, 60/23, 54/23, 47/23, 538/23 में स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में शिकायत केवल पीड़ित या उसके नजदीकी परिजन ही दर्ज कर सकते हैं। राजनैतिक संगठन या बाहरी व्यक्ति द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करवाई जा सकती। ये खबर भी पढ़े- कोटा में धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में धर्मांतरण का आरोप:कहा- राजस्थान में शैतान का नहीं, परमेश्वर का राज होगा; बजरंग दल ने शिकायत दी, हिंदू समाज का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कोटा में एक धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में धर्मांतरण करवाए जाने का मामला सामने आया है। बजरंग दल प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल ने आरोप लगाया है कि 4 से 6 नवंबर तक दिल्ली से आए कुछ लोगों ने षड्यंत्र के तहत यह काम किया गया है। इसके साथ ही बजरंग दल ने बोरखेड़ा थाने में शिकायत दी है। थाना सीआई देवेश भारद्वाज ने कहा बजरंग दल ने शिकायत दी है,जिसकी जांच की जा रही है। खबर भी पढ़े ये खबर भी पढ़े- राजस्थान में जबरन धर्म परिवर्तन कराने का पहला केस दर्ज:नए कानून में कोटा में FIR, ईसाई मिशनरियों पर सत्संग के बहाने उकसाने का आरोप राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलिजन एक्ट-2025 (धर्मांतरण विरोधी कानून) में पहला केस दर्ज किया गया है। कोटा में 2 ईसाई मिशनरियों पर धर्मांतरण करवाने और उकसाने का आरोप लगा है।दोनों ने चर्च में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ हिंदू समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। उन्होंने राजस्थान सरकार को भी ‘शैतान का राज’ बताकर टिप्पणी की थी। खबर भी पढ़े

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