धान क्रय में अनियमितता व भेदभाव की डीसी से किसान ने की शिकायत

भास्कर न्यूज | गढ़वा मंगलवार को उपायुक्त यादव ने समाहरणालय स्थित सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया। जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया और सभी मामलों के निष्पक्ष व ससमय निष्पादन का निर्देश दिया। जनसुनवाई में राशन कार्ड, धान अधिप्राप्ति, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, योजनाओं का लाभ, बकाया मजदूरी भुगतान सहित 25 आवेदन प्राप्त हुआ। उपायुक्त ने बारी-बारी से सभी आवेदकों की बातें सुनीं और संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को मामले की जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनसुनवाई में मेराल प्रखंड के पेंदली गांव निवासी अमरेश पाल ने गेरुआसोती पैक्स में धान खरीद में अनियमितता, एसएमएस जारी नहीं होने व भेदभाव करने की शिकायत किया है। उन्होंने बताया कि बिना एसएमएस के पैक्स द्वारा धान लेने से मना किया जा रहा है, जबकि अन्य किसानों को तत्काल एसएमएस प्राप्त हो रहा है। धान बिक्री नहीं होने से आर्थिक संकट व पढ़ाई प्रभावित होने की बात भी उन्होंने रखी। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकता के आधार पर धान खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बड़गड़ प्रखंड के उगरा गांव निवासी राम सकल साव ने आवेदन के माध्यम से बताया कि उनकी जमीन की ऑनलाइन रसीद जारी नहीं हो पा रही है, जबकि ऑफलाइन रसीद कट रही है। उन्होंने बताया कि वे कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं और उक्त भूमि पर अपना घर बनाकर निवास कर रहे हैं। मामले में उपायुक्त ने संबंधित सीओ को जांच कर ऑनलाइन रसीद जारी करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। भवनाथपुर प्रखंड के मकरी पैक्स अध्यक्ष देवेंद्र कुमार यादव ने धान अधिप्राप्ति के लिए केंद्र संचालन की अनुमति दिलाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क के बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उपायुक्त ने डीएसओ को कार्रवाई कर किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गढ़वा प्रखंड के छतरपुर गांव निवासी वकील अंसारी ने कार्य कराने के बाद भुगतान नहीं करने की शिकायत किया। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर निर्णय होने के बावजूद वर्षों से भुगतान लंबित है। उपायुक्त ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया। मौके पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि लोगों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। ताकि लोगों को त्वरित न्याय मिल सके।

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