धान खरीदी की लिमिट पहले जितनी न की, तो 20 से करेंगे प्रदर्शन

भास्कर न्यूज| महासमुंद 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। लिमिट कम होने की वजह से जिले में मात्र 25 प्रतिशत की खरीदी हो पाई है। अगर स्थित यहीं रही तो किसानों का पूरा धान सरकार नियत समय पर नहीं खरीद पाएगी। सर्वर डाउन के कारण टोकन नहीं कट पा रहा है। 5 मिनट में ही एप में टोकन का कोटा फूल हो जाता है। ऐसे में किसान टोकन से वंचित हो रहे है। एक माह भी नहीं हुआ कि डिजिटल महत्वाकांक्षा किसानों की जान लेने पर उतारू हो गई। इसी भय के चलते पिथौरा ब्लॉक के किसान मनबोध ने टोकन न मिलने के कारण आत्महत्या की कोशिश की। यह कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एग्रो पोर्टल की तकनीकी नाकामी से हजारों किसान सड़क पर हैं। क्षेत्र के किसानों ने महासमुंद किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानिक साहू के साथ बुधवार को पिथौरा एसडीएम से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। राज्यपाल के नाम पिथौरा एसडीएम बजरंग वर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानिक साहू ने मांग की है कि एग्री पोर्टल को तत्काल बंद कर पुरानी विश्वसनीय व्यवस्था लागू की जाए। वंचित किसानों का सोसाइटी में मैनुअल पंजीयन शुरू हो। सभी किसानों को कम से कम 3 टोकन अनिवार्यतः दिए जाएं। ताकि किसान अपनी उपज आसानी से बेच सके। किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि 20 दिसंबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे छग में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। हर जिला मुख्यालय, हर तहसील और हर खरीदी केंद्र पर किसान सड़कों पर उतरेंगे। इस मौके पर राजेश मुखर्जी प्रदेश कोषाध्यक्ष किसान कांग्रेस बलरामकांत साहू रोहित साहू, पार्षद प्रफुल्ल राजपूत, भूषण साहू, ओमप्रकाश चक्रधारी, शुकदेव चक्रधारी, कमलू, तेजराम, नवदीप चंद्राकर शामिल थे। किसानों ने कहा कि भाजपा सरकार ने जिस एग्रो पोर्टल को किसान हितैषी बताकर थोपा था, वह आज किसानों का दुश्मन बन चुका है। स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व सैनिक, कोटवार और वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की शासकीय जमीन का पंजीयन ही पोर्टल स्वीकार नहीं कर रहा। सर्वर डाउन, ओटीपी नहीं आना, टोकन कटने में घंटों लगना आम बात हो गई है। छोटे किसान कर्ज लेकर अपना फसल उगाते हैं समय पर धान बेचने टोकन नहीं मिलने से किसान की जान पर बन आई है और सरकार मौन है।

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