धार जिले की धामनोद नगर परिषद पर डोल गांव में कचरा फेंकने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे हवा और पानी दूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने मंगलवार को धार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों के अनुसार, नगर परिषद द्वारा फेंके गए कचरे में आग लगाने से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है। वहीं, गहरे गड्ढों में जमा कचरे से रिसने वाला रासायनिक पानी आसपास के पेयजल स्रोतों को दूषित कर रहा है। इससे गांव में हैजा, पीलिया, टाइफाइड और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ गए हैं। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण धार पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बताई। ग्रामीणों ने तख्तियां लेकर रैली निकाली और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया गया है कि धामनोद नगर परिषद पिछले लगभग दो वर्षों से शहर का कचरा डोल गांव के समीप डाल रही है। जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, वह पहले एक पहाड़ी थी। मुरम और पत्थर की खुदाई के कारण यहां 20-25 मीटर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भरा रहता है। नगर परिषद इन्हीं गड्ढों में नियमित रूप से कचरा डालती है। कचरे में मौजूद रसायन जमीन में कुओं और अन्य जलस्रोतों तक पहुंच रहे हैं, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रहा। सोमवार को जब नगर परिषद के वाहन कचरा डालने के लिए पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया और रास्ता बंद कर दिया। इस दौरान लगभग एक घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पंधानिया ग्राम पंचायत के सरपंच प्रकाश, उपसरपंच महेश पटेल, सुभाष पटेल, वरिष्ठ लक्ष्मीनारायण और राकेश पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद, ग्रामीणों ने धामनोद थाने में भी एक आवेदन प्रस्तुत किया।


